अपना मोबाइल मांगना पड़ा भारी, दोस्त संग मिलकर की हत्या; बोरे में बंद कर झाड़ियों में फेंका शव
हरिद्वार के रानीपुर में दिव्यांग ई-रिक्शा चालक मनीष की गुमशुदगी हत्या में बदल गई। मोबाइल छीनने का विरोध करने पर ...और पढ़ें

HighLights
दिव्यांग ई-रिक्शा चालक की मोबाइल विवाद में हत्या
पुलिस ने एक आरोपी अयान को गिरफ्तार किया, दूसरा फरार
शव प्लास्टिक के बोरे में झाड़ियों से बरामद
जागरण संवाददाता, हरिद्वार। रानीपुर कोतवाली क्षेत्र में दिव्यांग ई-रिक्शा चालक की गुमशुदगी के पीछे हत्या की सनसनीखेज कहानी निकलकर सामने आई है।
मोबाइल छीनने का विरोध करने पर ज्वालापुर के दो युवकों ने ई-रिक्शा चालक की हत्या की थी। पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर चालक का शव और ई-रिक्शा भी बरामद कर लिया।
उसके एक साथी की तलाश की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने रानीपुर कोतवाली में प्रेस कान्फ्रेंस कर घटना का पर्दाफाश किया।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि चार फरवरी रामआसरे निवासी विष्णुलोक कालोनी रानीपुर ने अपने बेटे मनीष की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। मनीष पैरों से दिव्यांग था और ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था। गुमशुदगी दर्ज कर मनीष की तलाश शुरू की गई। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, मामला संदिग्ध होता चला गया।
कोतवाली प्रभारी आशुतोष सिंह के नेतृत्व में एसएसआइ नितिन चौहान की टीम ने पड़ताल की तो सामने आया कि पांवधोई, ज्वालापुर निवासी अयान उर्फ सुन्नत ने बैरियर नंबर-05 के पास काल करने के बहाने मनीष का मोबाइल फोन लिया था और फरार हो गया था।
मनीष उसे पहचानता था, इसलिए आरोपित के घर जाकर अपना मोबाइल वापस मांगा। मोबाइल न देने पर पुलिस में शिकायत करने की बात भी कही। जिससे आरोपित घबरा गया।
अगले दिन मोबाइल लौटाने का वादा करते हुए आयान अपने दोस्त बिलाल के साथ मिलकर मनीष को भेल-धीरवाली मार्ग पर ले गया। जहां दोनों ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
शव को प्लास्टिक के कट्टे में भरकर सुपरवाइजर हास्टल के पास झाड़ियों में फेंक दिया और मनीष का ई-रिक्शा रोड़ी बेलवाला क्षेत्र में छोड़कर दोनों फरार हो गए।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि आरोपित की निशानदेही पर मनीष का शव और ई-रिक्शा बरामद कर लिया है। फरार बिलाल की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस टीम में गैस प्लांट चौकी प्रभारी विकास रावत, उपनिरीक्षक मनदीप सिंह, कांस्टेबल दीप गौड़, सुमन डोभाल, रविंद्र बिष्ट और अजीत राज शामिल रहे। प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, सीओ सदर संजय बलूनी भी मौजूद रहे।
