जागरण संवाददाता, हरिद्वार। Kanwar Yatra 2021  कांवड़ मेला प्रतिबंधित होने के बावजूद ट्रेन से हरिद्वार पहुंचे 325 कांवड़ यात्रियों को जीआरपी ने हरकी पैड़ी जाने से रोक दिया। उन्हें रेलवे स्टेशन से शटल बसों में बैठाकर वापस भेज दिया गया। अधिकांश यात्री हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली निवासी थे। उन्हें जिले की सीमा से बाहर छोड़ा गया है।

कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर कांवड़ मेले पर प्रतिबंध लगाया गया है। कांवड़ यात्रियों को रोकने के लिए बार्डर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जबकि जीआरपी की टीमें रुड़की, लक्सर, ज्वालापुर और हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की चेकिंग कर रही हैं।

सोमवार को हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर जीआरपी थानाध्यक्ष अनुज सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने मसूरी, बाड़मेर, अमृतसर, हावड़ा एक्सप्रेस में चेङ्क्षकग कर यात्रियों से पूछताछ की। इनमें 325 कांवड़ यात्रियों को जीआरपी ने पहचाना। सभी को हरकी पैड़ी जाने से रोकते हुए रेलवे स्टेशन परिसर से ही शटल बसों में बैठाकर जनपद की सीमाओं से बाहर भेज दिया गया। रेलवे पुलिस के एएसपी मनोज कत्याल ने बताया कि ट्रेनों की चेकिंग में मिले कांवड़ यात्रियों को शटल बसों से भेजा गया है। रेलवे स्टेशनों पर लगातार चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं।

तीनों रूटों पर प्रचार-प्रसार कर रही टीमें

हरिद्वार: उत्तराखंड आने के लिए रेलवे के तीन रूटों से कांवड़ यात्री व अन्य श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं। रेलवे पुलिस के एएसपी मनोज कत्याल ने बताया कि दिल्ली से मेरठ, मुजफ्फरनगर होते हुए और हरियाणा पंजाब से सहारनपुर होते हुए रुड़की पहुंचने वाले दोनों रूटों के अलावा लखनऊ, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद से लक्सर पहुंचने वाले तीनों रूटों पर जीआरपी की टीमें कांवड़ मेला प्रतिबंधित होने का प्रचार-प्रसार कर रही हैं। स्थानीय जनता से अपील की जा रही है कि कांवड़ मेले में हरिद्वार न जाएं।

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Edited By: Raksha Panthri