संवाद सहयोगी, हरिद्वार : देश के विविध दुर्गम क्षेत्रों में पायी जाने वाली आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों एवं वनस्पतियों के शोध में डिफेंस रिसर्च एंड डीजी डीआरडीओ अनुसंधान को पतंजलि योगपीठ सहयोग देगा। साथ ही सेना के जवानों की शारीरिक, मानसिक कार्यक्षमता बढ़ाने में उपयोगी योगाभ्यास से उन्हें जोड़ने संबंधी कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी। इस विषय पर चर्चा करने के लिए अनुसंधान का दल पतंजलि प्रवास पर पहुंचा है।

बुधवार को पतंजलि योगपीठ के योग-आयुर्वेद अनुसंधनात्मक प्रयोग एवं यहां चिकित्सा व स्वास्थ्य पर चल रहे रिसर्च कार्यों को समझने के लिए डिफेंस रिसर्च एंड डीजी डीआरडीओ के सेक्रेटरी डॉ. एस क्रिस्टोफर के नेतृत्व में चार सदस्यीय डिफेंस रिसर्च एण्ड डवलपमेंट दल ने पतंजलि योगपीठ पहुंचकर योगगुरु बाबा रामदेव व आचार्य बालकृष्ण महाराज से मुलाकात की। इस मौके पर एस क्रिस्टफर ने कहा कि योग, आयुर्वेद के क्षेत्र में पतंजलि ने कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसका लाभ देश के सैन्य क्षेत्र को भी मिलना चाहिए। उन्होंने पतंजलि योगपीठ के योग-आयुर्वेद पर आधारित स्वास्थ्य आंदोलन को देश के करोड़ों लोगों के लिए वरदान बताया। उन्होंने इस दौरान पतंजलि योगपीठ की ओर से देश के हिमालयी एवं मैदानी क्षेत्रों के भरपूर पोषण युक्त वनौषधियों को चिह्नित करने, महत्वपूर्ण आयुर्वेद सम्मत वनस्पतियों की पहचान कराने और देश की सैन्यशक्ति के साथ-साथ देश की गरीब जनता को इसके औषधीय लाभों से जोड़ने की संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने की इच्छा व्यक्त की। बाबा रामदेव व आचार्य बालकृष्ण महाराज ने उन्हें इस दिशा में हर सम्भव कदम उठाने का आश्वासन दिया। इस दौरान दल ने फूड एण्ड हर्बल पार्क का अवलोकन भी किया। दल के सदस्यों में डीजी लाइफ साइंस डॉ. मानस कुमार मंडल, डॉ. भुवनेश कुमार एवं डायरेक्टर डीएसएम डॉ. राजीव वार्षणेय सम्मिलित थे।