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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 30, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कालागढ़ टाइगर रिजर्व फारेस्ट की पाखरो रेंज में टाइगर सफारी को करना पड़ेगा इंतजार

By Sunil NegiEdited By:
Published: Sat, 30 Oct 2021 07:55 PM (IST)

कार्बेट टाइगर रिजर्व के अंतर्गत कालागढ़ टाइगर रिजर्व फारेस्ट की पाखरो रेंज में निर्माणाधीन टाइगर सफारी के लिए अभी इंतजार ...और पढ़ें

कालागढ़ टाइगर रिजर्व फारेस्ट की पाखरो रेंज में निर्माणाधीन टाइगर सफारी में हुए निर्माण कार्य। जागरण
कालागढ़ टाइगर रिजर्व फारेस्ट की पाखरो रेंज में निर्माणाधीन टाइगर सफारी में हुए निर्माण कार्य। जागरण

जागरण संवाददाता, कोटद्वार। अंतरराष्‍ट्रीय ख्याति प्राप्त कार्बेट टाइगर रिजर्व के अंतर्गत कालागढ़ टाइगर रिजर्व फारेस्ट की पाखरो रेंज में निर्माणाधीन टाइगर सफारी में बाघों का दीदार करने के लिए प्रकृति प्रेमियों को इंतजार करना पड़ सकता है। दरअसल, टाइगर सफारी में हुए निर्माण कार्यों को लेकर उठे विवाद के बाद सफारी में निर्माण कार्य फिलहाल बंद हो गया है। पूर्व में वन महकमा नवंबर माह में टाइगर सफारी के लोकार्पण की तैयारी में था।

बताते चलें कि कालागढ़ टाइगर रिजर्व फारेस्ट की पाखरो रेंज में 106 हेक्टेयर में टाइगर सफारी का निर्माण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल टाइगर सफारी को नवंबर माह में शुरू करने के लिए वन महकमे की ओर से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन, जिस तरह टाइगर सफारी में हो रही निर्माण कार्यों पर सवालिया निशान लगे हैं, उससे टाइगर सफारी के नवंबर माह में लोकार्पण की उम्मीदें कम ही नजर आ रही हैं। दरअसल, बीते माह टाइगर सफारी क्षेत्र में 163 पेड़ों की अनुमति की आड़ में दस हजार पेड़ काटे जाने का मामला प्रकाश में आया था। जिसके बाद वन महकमे में हड़कंप मच गई। कालागढ़ टाइगर रिजर्व फारेस्ट ने इस आरोप को पूरी तरह गलत बताया।

उधर, मामला प्रकाश में आने के बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची और टाइगर सफारी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। बीते दिनों टीम ने अपनी रिपोर्ट केंद्र में सौंपी, जिसके बाद से उत्तराखंड वन महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। रिपोर्ट में टीम ने टाइगर सफारी क्षेत्र में अवैध निर्माण के साथ ही अवैध पातन की बात भी कही। साथ ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी संस्तुति की। हरकत में आए उत्तराखंड वन महकमे ने आनन-फानन में पाखरो रेंज के वन क्षेत्राधिकारी को निलंबित कर दिया है। साथ ही इस मामले में अन्य पर भी गाज गिर सकती है। इधर, टाइगर सफारी के नाम पर हो रहे कार्यों पर सवाल उठने के बाद अब नवंबर माह में सफारी के लोकार्पण की उम्मीदें कम ही नजर आ रही हैं।

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