जागरण संवाददाता, देहरादून। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने चमोली जिले के रैणी में इसी वर्ष फरवरी में आई आपदा के मृतकों के पीएफ का भुगतान उनके परिवार को जारी करना शुरू कर दिया है। ईपीएफओ की ओर से अब तक 35 कर्मचारियों के पीएफ के लिए उनके परिवार की तरफ से किए गए दावे (क्लेम) का निस्तारण किया जा चुका है। इसके अलावा 12 दावों पर कार्रवाई गतिमान है।

रैणी में आई आपदा में जल विद्युत परियोजना में कार्यरत विभिन्न कंपनियों के 200 से अधिक कर्मचारी काल का ग्रास बन गए थे। उक्त कर्मचारियों में से ईपीएफओ में पंजीकृत कर्मियों के पीएफ क्लेम का निस्तारण किया जा रहा है। ईपीएफओ के क्षेत्रीय आयुक्त विश्वजीत सागर ने बताया कि विभिन्न कंपनियों की ओर से कर्मचारियों की सूची मिलने पर क्लेम का भुगतान किया जा रहा है। इसके लिए एक विशेष टीम प्रतिष्ठानों से संपर्क कर रही है। साथ ही उन्हें क्लेम के लिए आवेदन करने में भी मदद उपलब्ध कराई जा रही है। आवेदन के तीन दिन के भीतर मृत्यु दावे निस्तारित किए जा रहे हैं। ईपीएफओ की ओर से सभी तरह के दावों के निस्तारण के लिए अधिकतम दस दिन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कोरोनाकाल में अनाथ हुए बच्चों के लिए पेंशन की व्यवस्था

ईपीएफओ कोरोनाकाल में अनाथ हुए बच्चों को पेंशन भी जारी कर रहा है। महिला एवं बाल कल्याण विभाग से ऐसे बच्चों की सूची प्राप्त कर उनकी तलाश की जा रही है। एक मृतक कर्मचारी के दो बच्चों को 2176 रुपये की मासिक पेंशन शुरू कर दी गई है। उक्त कर्मचारी बीएचईएल हरिद्वार में कार्यरत था।

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Edited By: Sunil Negi