राज्य ब्यूरो, देहरादून। Uttarakhand Land Law Issue उत्तराखंड में सशक्त भू-कानून को लेकर चल रही बहस के बीच मुख्यमंत्री ने साफ किया कि इस सिलसिले में मुख्य सचिव डा एसएस संधू की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। यह कमेटी राज्य की परिस्थितियों के अनुसार भू-कानूनों के संबंध में सरकार को सुझाव देगी, फिर इसके आधार पर फैसला लिया जाएगा।

भूमि से जुड़े मसलों के समाधान के मद्देनजर ही राज्य में सशक्त भू-कानून की पैरवी की जा रही है। विपक्ष ने भी इस मसले को मुद्दा बनाया है तो कई संगठन भी इसे लेकर लामबंद हो रहे हैं। इस परिदृश्य के बीच सरकार की ओर राज्य में सशक्त भू-कानून बनाने की बात कही जा रही है। बीते रोज ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक कार्यक्रम में कहा था कि भू-कानून व नजूल भूमि से संबंधित मसलों के समाधान को सरकार जल्द ही एक कमेटी गठित करेगी।

शनिवार को मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भूमि से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने व सशक्त कानून के लिए कमेटी का गठन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्य सचिव डा एसएस संधू ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के मुखिया रहते हुए भूमि से जुड़े कई मसलों का समाधान किया है। इसलिए उन्हें यह जिम्मा दिया जा रहा है।

आरटीओ कर्मी के सेवा विस्तार पर चर्चा

परिवहन विभाग के एक चर्चित अधिकारी के सेवा विस्तार का मामला इंटरनेट मीडिया में छाया हुआ है। कहा जा रहा है कि इस अधिकारी को सेवा विस्तार देने के लिए एक मंत्री व एक सांसद का भी सिफारिशी पत्र भी लगा है। प्रदेश में सेवानिवृत्ति के बाद कार्मिकों को सेवा विस्तार देना कोई नई बात नहीं है। इसी क्रम में परिवहन विभाग के एक अधिकारी की पत्रावली कुछ दिनों से शासन में चल रही है। यह अधिकारी शनिवार यानी 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हुआ है। बताया जा रहा है कि सेवा विस्तार की पत्रावली में विभाग में कार्मिकों की कमी का हवाला देते हुए सेवा विस्तार की सिफारिश की गई है। हालांकि, परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने फिलहाल ऐसी किसी पत्रावली के मिलने से इंकार किया है।

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Edited By: Raksha Panthri