जागरण संवाददाता, देहरादून : Uttarakhand Weather Update : प्रदेशभर में आने वाले दो दिनों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की कमी आने की संभावना है। हालांकि मैदानों में फिलहाल न्यूनतम तापमान स्थिर रह सकता है।

मैदानी इलाकों में अधिकतर स्थानों पर हल्के से गहरा कोहरा व धुंध छाये रहने और पहाड़ों में पाला पड़ने की संभावना है। इससे देश के अन्‍य राज्‍यों में भी असर देखने को मिलेगा। अधिकतम व न्यूनतम तापमान में 15.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक अंतर रहने की संभावना है।

बुधवार को मैदान से पहाड़ तक चटख धूप खिली रही

पाले से पहाड़ों में ठंड में इजाफा हो सकता है। बुधवार को मैदान से पहाड़ तक चटख धूप खिली रही। देहरादून का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 25.3 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 10.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

इसी तरह मसूरी का अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 21.2 व न्यूनतम तापमान 9.3 डिग्री सेल्सियस, मुक्तेश्वर का 15.4 व न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री रिकार्ड किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि आने वाले दो दिनों में उत्तराखंड में मौसम शुष्क बना रहेगा। पहाड़ों में कहीं-कहीं सामान्य से अधिक पाला पड़ने और मैदानी क्षेत्रों में कहीं-कहीं कोहरा पड़ने की संभावना है।

32 दिन बाद देवाल-खेता-मानमति मोटर मार्ग पर आवाजाही शुरू

चमोली जिले के देवाल विकासखंड के ग्रामीण मोटर मार्ग खेता-मानमति पर बीते अक्टूबर माह में भूस्खलन से बंद मोटर मार्ग पर 32 दिन बाद आवागमन सुचारू कर दिया गया है। भूस्खलन रूकते ही पीएमजीएसवाई द्वारा दोनों ओर से मशीनों से तीन दिन में मलबा हटाकर वाहनों की आवाजाही शुरू करवा कर ग्रामीणों को राहत दी।

दरअसल बीते 28 अक्टूबर का देवाल-खेता-मानमति मोटर मार्ग पर एकाएक शुरू हुआ। भूस्खलन पखवाडे़ भर से अधिक समय तक होता रहा जिससे क्षेत्र के दर्जनभर ग्रामीणों को विकासखंड मुख्यालय पहुंचने के लिए सात किमी पैदल आवाजाही करनी पड़ी।

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मंगलवार को जैसे ही पीएमजीएसवाई द्वारा मलबा पूर्णरूप से हटाया गया तो देवाल के ग्रामीण अंचलों से वाहनों का आवागमन शुरू हुआ। इस अवरूद्ध मोटर मार्ग पर बीते 28 अक्टूबर को सुयालकोट के पास रोड के ऊपरी भाग से बिना बारिश के लगातार भूस्खलन हुआ था जिससे एक कार भी क्षतिग्रस्त होकर लापता हो गई थी।

क्षेत्र प्रमुख डॉ दर्शन दानू ने बताया है कि पिछले एक माह से सड़क बंद होने से क्षेत्र का जनजीवन प्रभावित हुआ है। क्षेत्र में आवश्यक सामग्री सब्जियां रोगियों को लाने में भारी दिक्कतें हो रही थीं।

पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता प्रमोद गंगाडी ने ठेकेदार राम बहादुर और उनकी टीम को भूस्खलन क्षेत्र में दिन-रात काम कर शीघ्र मार्ग पर आवागमन शुरू करने के लिए सराहना कर कहा कि अब भूस्खलित क्षेत्र से वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है।

Edited By: Nirmala Bohra

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