उत्तराखंड वक्फ बोर्ड का बड़ा एलान, राज्य में तीन तलाक और हलाला पीड़ितों को मिलेगी छत
उत्तराखंड वक्फ बोर्ड तीन तलाक, हलाला और बेसहारा मुस्लिम विधवाओं को आश्रय व सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की पहल कर ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, जागरण देहरादून। तीन तलाक और हलाला जैसी कुरीतियों से प्रभावित महिलाओं के साथ ही मुस्लिम समाज की बेसहारा विधवा महिलाओं को अब आश्रय और सम्मानजनक जीवन की नई राह मिल सकती है। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने ऐसी महिलाओं को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में पहल करने का निश्चय किया है।
बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स के अनुसार इस संबंध में बोर्ड की अगले माह के प्रथम सप्ताह में होने वाली बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा। इन महिलाओं को सामाजिक व आर्थिक रूप से संबल देने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल के जमीन पर उतरने पर उत्तराखंड वक्फ बोर्ड देश का ऐसा पहला बोर्ड बन जाएगा।
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शम्स के अनुसार इस पहल का उद्देश्य उन महिलाओं को सहारा देना है, जो पारिवारिक विवाद, तीन तलाक या हलाला की परिस्थितियों के कारण बेघर होने को मजबूर हो जाती हैं।
कई मामलों में ऐसी महिलाओं के सामने रहने और बच्चों के पालन-पोषण की गंभीर समस्या खड़ी हो जाती है। ऐसे में बोर्ड की प्रस्तावित योजना उनके लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
इस पहल के तहत पात्र महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें मुफ्त आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए वक्फ संपत्तियों और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जाएगा। बोर्ड का प्रयास रहेगा कि जरूरतमंद महिलाओं को सुरक्षित वातावरण के साथ सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिले।
यह भी पढ़ें- Dehradun News: देहरादून में महिला के अपहरण का मामला, पुलिस को नहीं मिला आरोपितों का सुराग
उन्होंने कहा कि बोर्ड की पहल आवास उपलब्ध कराने तक सीमित न रहकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर देगी। चयनित महिलाओं को जरूरत के अनुसार कौशल विकास, रोजगार और अन्य सहायता से जोड़ने के मद्देनजर भी बोर्ड की बैठक में विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद और पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता होगी।
