उत्तराखंड में नशा तस्करों पर शिकंजा, सूचना देने वालों के लिए सरकार ने शुरू की इनामी योजना, पढ़ें कैसे मिलेगा इसका लाभ
मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर उत्तराखंड में नशे के खिलाफ अभियान तेज हो गया है, जिसमें नशा तस्करों की सूचना देने वालों को 2.40 लाख रुपये तक का इनाम मिलेगा।


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राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। नशे के खिलाफ उत्तराखंड में चल रही मुहिम को अब कार्रवाई के साथ जागरूकता से भी धार दी जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चलाए जा रहे ड्रग फ्री उत्तराखंड अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने प्रदेश के साथ ही दूसरे राज्यों तक फैले नशा तस्करों के नेटवर्क पर शिकंजा कसा है।
नशा तस्करों की सूचना देने वाले नागरिकों के लिए 20 हजार से लेकर 2.40 लाख रुपये तक की इनामी योजना भी शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में नशा के खिलाफ लगातार अभियान चलाने पर जोर दिया है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नशामुक्त भारत अभियान से प्रेरणा लेते हुए हमारी सरकार उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के लिए संकल्पबद्ध है।
नशे के आदी हो चुके युवाओं को मुख्य धारा में लाने के लिए पुनर्वास केंद्रों की स्थापना की गई है और काउंसलिंग के लिए काउंसलर की तैनाती की गई है।
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स्कूल-कालेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। नए प्रवेशार्थियों तथा पीजी और हास्टल में रहने वाले छात्रों की नियमित निगरानी, गलत संगति की पहचान और समय पर परामर्श एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। नशे से जुड़ी सूचना नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 पर देने की अपील की जा रही है।
