देहरादून के चार सिद्धपीठों का दर्शन कर बोले हरीश रावत, आगामी विस चुनाव में पार्टी का निर्णय सर्वोपरि
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने देहरादून के चार सिद्धपीठों का दर्शन कर 2027 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सत्ता में ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि राज्य में वर्ष 2027 में हाेने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी जो आदेश देगी, वह उसके अनुरूप कार्य करेंगे। उन्होंने भाजपा को निशाने पर लिया, कहा चुनाव नजदीक हैं और भाजपा अपने झूठ के प्रपंच के सहारे सत्ता में बने रहने के लिए बेकरार है।
जनता अब उसके बहकावे में आने वाली नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के सोमवार को देहरादून के चारों कोनों में स्थित सिद्धपीठों के दर्शन कर प्रदेश के विकास की कामना की और कांग्रेस को सत्ता में वापस लाने का संकल्प लिया।
उन्होंने दोपहर डिफेंस कालोनी स्थित आवास से समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ रवाना हुए। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण और उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराए गए थे।
कालूवाला को रायपुर से जोड़ने वाले मार्ग के निर्माण के लिए उनके कार्यकाल में धनराशि स्वीकृत की गई, लेकिन अब तक मार्ग का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। उन्होंने पहले कालू सिद्ध मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की।
इसके बाद लक्ष्मण सिद्ध, मानक सिद्ध और मांडू सिद्ध पहुंचकर दर्शन एवं पूजा-पाठ किया। रावत ने कहा कि चारों सिद्धपीठों में आशीर्वाद लेकर उन्होंने राज्य के विकास और कांग्रेस की वापसी का संकल्प लिया है।
यह भी पढ़ें- पूर्व सीएम हरीश रावत ने अब खाई मां की सौगंध और कर दिया बड़ा ऐलान, उत्तराखंड की राजनीति में फिर हलचल
उन्होंने कहा कि अब कार्यकर्ताओं को जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनता के बीच जाना होगा। स्वास्थ्य कारणों से वह लंबे समय से राजनीतिक कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए थे, लेकिन चुनाव नजदीक होने के कारण सक्रिय हुए हैं।
उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। कहा कि युवा निराश हैं और जनता गंभीर समस्याओं से जूझ रही है। इस मौके पर विधायक हरीश धामी, पूर्व विधायक मनोज रावत, वीरेंद्र रावत, मोहित उनियाल आदि मौजूद रहे।
