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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 01, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विश्वस्तरीय डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा चौरासी कुटी, बनेगी व्यापक कार्ययोजना

By Raksha PanthriEdited By:
Published: Mon, 01 Nov 2021 07:43 AM (IST)

Uttarakhand Tourism चौरासी कुटी को विश्व स्तरीय डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। शासन के निर्देश पर इसके लिए ...और पढ़ें

विश्वस्तरीय डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा चौरासी कुटी।
विश्वस्तरीय डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा चौरासी कुटी।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। Uttarakhand Tourism नैसर्गिक सौंदर्य से परिपूर्ण और भावातीत ध्यान योग के प्रणेता महेश योगी की साधना स्थली रही चौरासी कुटी को विश्व स्तरीय डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। शासन के निर्देश पर इसके लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने को विशेषज्ञ संस्था के चयन की कवायद शुरू कर दी गई है। जाहिर है कि निकट भविष्य में यह स्थली नए कलेवर में निखरकर सामने आएगी।

राजाजी नेशनल पार्क के अंतर्गत ऋषिकेश से सात किलोमीटर के फासले पर प्रकृति की सुरम्य वादी में स्थिति है चौरासी कुटी। अविभाजित उत्तर प्रदेश में वर्ष 1970 के आसपास महर्षि महेश योगी ने यहां शंकराचार्य नगर की स्थापना की। साथ ही योग साधना के लिए गुंबदनुमा 84 कुटियाएं बनवाईं। नतीजतन, यह स्थल चौरासी कुटी के नाम से जाना गया। प्रसिद्ध राक बैंड बीटल्स गु्रप की यादें भी इस स्थली से जुड़ी हैं। इस ग्रुप के सदस्यों ने पूर्व में यहां करीब एक साल का वक्त बिताया और कई गीतों की धुनें तैयार कीं।

राजाजी नेशनल पार्क बनने पर चौरासी कुटी में सैलानियों की आवाजाही बंद कर दी गई और वर्ष 1984 तक यह क्षेत्र वीरान हो गया।अलबत्ता, प्रकृति का करीब से दीदार करने वालों के लिए चौरासी कुटी का आकर्षण कभी कम नहीं हुआ। वर्ष 2015 में चौरासी कुटी फिर से सैलानियों के लिए खोली गई। तब इस धरोहर के कद्रदान वहां निरंतर आ रहे हैं। इसके साथ ही चौरासी कुटी के सुंदरीकरण समेत वहां कई सुविधाएं विकसित की गईं। सैलानियों के आकर्षण को देखते हुए अब इस स्थली को विश्व स्तरीय डेस्टिनेशन बनाने की तैयारी है।

राज्य वन्यजीव बोर्ड की पूर्व में हुई बैठक में चौरासी कुटी के लिए व्यापक योजना तैयार करने के लिए विशेषज्ञ संस्था का चयन करने के निर्देश दिए गए थे। अब शासन ने भी वन विभाग को इस संबंध में तत्काल कार्रवाई के लिए कहा है। राज्य के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जेएस सुहाग ने बताया कि रुचि की अभिव्यक्ति के माध्यम से विशेषज्ञ संस्थाओं से आवेदन मांगे गए हैं। जल्द ही विशेषज्ञ संस्था का चयन कर उसे चौरासी कुटी के भावी नियोजन के मद्देनजर कार्ययोजना तैयार करने का जिम्मा सौंपा जाएगा।

कुटिया उसी रूप में होंगी सुरक्षित

गुंबदनुमा कुटियाएं चौरासी कुटी का मुख्य आकर्षण हैं। इनमें कुछेक की स्थिति ठीक नहीं है। विशेषज्ञ संस्था का चयन होने के बाद उसके माध्यम से कुटियाओं को उसी रूप में संरक्षित करने को कदम उठाए जाएंगे।

चौरासी कुटी में ये हो चुके काम

-नेचर ट्रेल का निर्माण

-मेडिटेशन म्यूजिक सिस्टम की स्थापना

-सोलर स्ट्रीट लाइट-हर्बल गार्डन की स्थापना

-बायो टायलेट स्थापित

-सैलानियों के लिए पेयजल की व्यवस्था

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