विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कारोबारी हो जाएं सावधान, कल से मिठाई पर लिखनी होगी एक्सपायरी डेट... वरना एक्शन ऑन द स्पॉट

Published: Sun, 25 Oct 2026 08:15 AM (IST)

उत्तराखंड में अब खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों पर निर्माण व एक्सपायरी तिथि प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था सोमवार ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून। त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन में मिठाई खरीदने वालों के लिए राहत भरी खबर है। कल सोमवार से उत्तराखंड में खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों की ट्रे व काउंटर पर निर्माण तिथि और एक्सपायरी या यूज बाई डेट प्रदर्शित करना अनिवार्य हो जाएगा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने उपभोक्ताओं के हित में यह व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं।

खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय के आदेश के अनुसार, दुकानदारों को बिक्री के लिए रखे उत्पादों की दोनों तिथियां स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होंगी। इससे ग्राहक मिठाइयों की ताजगी और उनके उपयोग की अवधि की जानकारी लेकर खरीदारी कर सकेंगे।

विभागीय निरीक्षण में सामने आया था कि खुली मिठाइयों के निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि की जानकारी ग्राहकों को नहीं मिल पाती। नई व्यवस्था से बिक्री में पारदर्शिता बढ़ने और बासी मिठाइयों की बिक्री पर अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। खाद्य सुरक्षा विभाग नियमों के अनुपालन के लिए प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करेगा।

आम उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सावधानियां

  • साफ-सुथरी दुकान से मिठाई खरीदें: ऐसी दुकानों को प्राथमिकता दें जहां मिठाइयां ढकी हुई हों और मक्खियों, धूल व गंदगी से सुरक्षित रखी गई हों।
  • बहुत ज्यादा चमकीली मिठाइयों से बचें: असामान्य रूप से गहरे या चटख रंग वाली मिठाइयों में निर्धारित सीमा से अधिक कृत्रिम रंग होने की आशंका हो सकती है।
  • पैक्ड मिठाइयों का लेबल जांचें: एफएसएसएसआइ लोगो, लाइसेंस नंबर, निर्माण तिथि, बेस्ट बिफोर तिथि और अन्य जरूरी विवरण देखें।
  • पैकेट की सील जांचें: पैकिंग खुली, टूटी या छेड़छाड़ वाली नहीं होनी चाहिए।
  • मिलावट के प्रति सतर्क रहें: कच्चे माल की गुणवत्ता पर ध्यान दें। जरूरत पड़ने पर खाद्य पदार्थों की जांच या मिलावट संबंधी शिकायत करें।
  • मिठाई उचित मात्रा में खरीदें: ऐसी मात्रा लें जिसे उसकी निर्धारित उपयोग अवधि के भीतर खाया जा सके।
  • भंडारण संबंधी निर्देशों का पालन करें: मिठाइयों को पैकेट पर दिए गए तापमान और भंडारण संबंधी निर्देशों के अनुसार रखें।

मिठाई विक्रेताओं के लिए जरूरी निर्देश

  • निर्माण और बेस्ट बिफोर तिथि लिखें: खुली मिठाइयों की ट्रे या कंटेनर पर निर्माण तिथि और बेस्ट बिफोर तिथि स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें।
  • व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें: कर्मचारी नियमित रूप से हाथ धोएं, साफ कपड़े और एप्रन पहनें व नाखून साफ रखें।
  • खाद्य पदार्थों को दूषित होने से बचाएं: निर्माण क्षेत्र में धूमपान, तंबाकू सेवन और थूकने पर रोक रखें।
  • साफ-सुथरे स्थान पर निर्माण करें: मिठाइयां ढके हुए, पर्याप्त रोशनी और उचित वेंटिलेशन वाले स्थान पर तैयार करें।
  • कच्चे माल की गुणवत्ता जांचें: दूध, खोया, घी, मेवे, चीनी और अन्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करें।
  • कीट नियंत्रण कराएं: दुकान और निर्माण इकाई में चूहे, मक्खियां व अन्य कीटों से बचाव के लिए नियमित पेस्ट कंट्रोल कराएं।
  • खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करें: वैध खाद्य लाइसेंस/पंजीकरण और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध रखें।

मिठाई की श्रेणी, उपयोग अवधि

  • कलाकंद, उसी दिन
  • दूध से बनी मिठाइयां जैसे रसगुल्ला व रसमलाई, दो दिन तक
  • मिल्क केक-पेड़ा-बर्फी व अन्य खोया मिठाइयां, चार दिन तक
  • घी और ड्राई फ्रूट से बनी मिठाइयां, सात दिन तक
  • आटा-बेसन के लड्डू-चिक्की व हलवा, 30 दिन तक

(नोट: मिठाइयों की उपयोग अवधि निर्माण विधि, सामग्री, तापमान और भंडारण पर निर्भर कर सकती है।)

यह भी पढ़ें- राजधानी में शुद्ध मिठाई की चिंता, मुंगेर में मिलावट रोकने वाला ही गायब, त्योहार में खाद्य सुरक्षा पर बड़ा सवाल

यह भी पढ़ें- दीपावली पर मिलावटी मिठाई से बचें, रंग महक और स्वाद से ऐसे करें पहचान