ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मिलेगी केंद्र से भी मदद, धामी सरकार करेगी अपील
उत्तराखंड में 9-10 अक्टूबर को हुई ओलावृष्टि से 17 हजार हेक्टेयर से अधिक फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं। धामी सरकार किसानों ...और पढ़ें
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राज्य ब्यूरो, जागरण देहरादून। उत्तराखंड में नौ व 10 अक्टूबर को हुई ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को फसल क्षति की भरपाई के लिए धामी सरकार अब केंद्र में भी दस्तक देने जा रही है। ओलावृष्टि से 17 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं।
यद्यपि, सरकार ने प्रभावित किसानों को आपदा राहत के मानकों के समान अपनी ओर से अतिरिक्त सहायता राशि देने की घोषणा की है। बावजूद इसके सरकार की कोशिश है कि किसानों को क्षति के सापेक्ष और अधिक आर्थिक मदद मिल सके।
इसी कड़ी में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र भेजने की तैयारी की जा रही है। मानसून की विदाई के बाद हुई ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। फसलों को हुई क्षति के चलते किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा होने की आशंका है।
ऊधम सिंह नगर और हरिद्वार जिलों में फसलों को सर्वाधिक नुकसान हुआ है। आपदा राहत के मानकों के तहत 33 प्रतिशत से अधिक क्षति के दायरे में 16 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र है। ऐसे में राज्य सरकार प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए कदम उठा रही है।
सरकार का मानना है कि किसानों को मुश्किल घड़ी में सहारा देने के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता जरूरी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं इसकी घोषणा कर चुके हैं। अब किसानों को केंद्र से भी अतिरिक्त मदद दिलाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है।
हाल में रबी सीजन की समीक्षा बैठक के दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष यह विषय रखा था। कृषि मंत्री जोशी ने बताया कि अब केंद्रीय कृषि मंत्री को इस संबंध में पत्र भी भेजा जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार राज्य के आपदा प्रभावित किसानों को कुछ न कुछ राहत अवश्य देगी।
