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उत्तराखंड में अब खुली मिठाइयों पर निर्माण और एक्सपायरी डेट प्रदर्शित करना अनिवार्य

Published: Mon, 19 Oct 2026 05:55 PM (IST)

उत्तराखंड में 26 अक्टूबर से खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों पर निर्माण व एक्सपायरी डेट प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। यह ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, देहरादून। त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन में मिठाई खरीदने वालों के हित की खबर है। अब दुकानों में खुली मिठाइयां खरीदते समय ग्राहक उनकी ताजगी और उपयोग की अवधि की जानकारी भी ले सकेंगे।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने आगामी 26 अक्टूबर से प्रदेश में खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों पर निर्माण तिथि व एक्सपायरी डेट या यूज बाई डेट प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।

खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से मिठाई की दुकानों के निरीक्षण के दौरान सामने आया कि खुली मिठाइयों के निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि की जानकारी ग्राहकों को नहीं मिल पा रही थी।

दुकानों में मिठाइयां बिक्री के लिए सजी रहती थीं, लेकिन ग्राहक यह नहीं जान पाते थे कि उन्हें कब बनाया गया और वे कितने समय तक खाने योग्य हैं। विभाग के अनुसार, मिठाइयों और बेकरी उत्पादों की उपयोग अवधि उनकी प्रकृति के अनुसार अलग-अलग होती है।

कुछ उत्पाद एक दिन तक ही उपयोग योग्य रहते हैं, जबकि कुछ की अवधि 30 दिन तक हो सकती है। ऐसे में इनकी निर्माण तिथि और उपयोग की अंतिम तिथि की जानकारी जरूरी है।

खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय के अनुसार, यह निर्णय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्रविधानों के तहत उपभोक्ताओं के हितों और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।

ट्रे और काउंटर पर दिखानी होगी तारीख

नए नियम के तहत दुकानदारों को बिक्री के लिए रखी खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों की ट्रे या काउंटर पर दोनों तारीखें स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होंगी। यह व्यवस्था पूरे उत्तराखंड में लागू होगी। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को जागरूक बनाना और खाद्य पदार्थों की बिक्री में पारदर्शिता बढ़ाना है।

आमतौर पर मिठाई की अवधि

एक दिनः कलाकंद, चाकलेट कलांकद।

दो दिन: दूध के उत्पाद और बंगाली स्वीट्स, रसगुल्ला, रस मलाई, रबड़ी, राजभोग, चमचम, मलाई रोल, बंगाली रबड़ी आदि।

चार दिनः लड्डू, खोया स्वीट्स, मिल्ककेक, बर्फी, बूंदी लड्डू, कोकोनट लड्डू, मोतीचूर लड्डू, मोदक, फ्रूट केक, घेवर।

सात दिनः घी और ड्राई फ्रूट वाली, काजू कतली, शक्करपारा, गुड पारा, शाही लड्डू, मूंग बर्फी, आटा लड्डू, ड्राइफ्रूट गुजिया, काजू केसर-बर्फी, काजू रोल, खजूर, बेसन बर्फी, बालूशाही, काजू अंजीर, अंजीर केक, काजू से बनी अन्य मिठाइयां।

30 दिनः आटा लड्डू, बेसन लड्डू, चना लड्डू, चन्ना बर्फी, अंजीर खजूर बर्फी, सोहन हलवा आदि।

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