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उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला, सरकारी कार्यालयों और स्कूल-कॉलेजों में लागू होगा 'नो हेलमेट, नो एंट्री'

Published: Tue, 06 Oct 2026 08:32 AM (GMT+05:30)

उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और कॉलेजों में 'नो हेलमेट, नो एंट्री' व्यवस्था लागू की जाएगी।

यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है

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HighLights

  1. सरकारी कार्यालयों, स्कूलों में 'नो हेलमेट, नो एंट्री' लागू होगी।

  2. लाइसेंस से पहले कंप्यूटर आधारित ड्राइविंग परीक्षा अनिवार्य होगी।

  3. चारधाम मार्गों पर ANPR कैमरे और ट्रॉमा सेंटर लगेंगे।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए अब आमजन को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विशेष रूप से हेलमेट पहनने की प्रवृति को बढ़ावा देने के लिए सरकारी कार्यालयों, स्कूल, कालेज व कोचिंग सेंटर में ‘नो हेलमेट, नो एंट्री’ यानी हेलमेट नहीं तो प्रवेश नहीं की व्यवस्था को लागू किया जाएगा। साथ ही बिना ड्राइविंग लाइसेंस और बिना वाहन बीमा के भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

सड़क सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा सड़क सुरक्षा के लिए बनाई गई समिति के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश अभय मनोहर सप्रे ने देहरादून स्थित होटल ताज में सोमवार को सड़क सुरक्षा की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने यह व्यवस्था प्रभावी करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रदेश के प्रत्येक जिले को शून्य मृत्यु दर वाला जिला बनाने के लिए केंद्र के मानकों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए।

लाइसेंस से पहले होगी कंप्यूटर आधारित परीक्षा

सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष ने सभी परिवहन कार्यालयों में स्वचालित ड्राइविंग परीक्षा ट्रैक जल्द स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि चालक लाइसेंस जारी करने से पहले कंप्यूटर आधारित परीक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए इंजीनियरिंग, प्रवर्तन, शिक्षा और आपात चिकित्सा के चारों पक्षों में बेहतर समन्वय पर जोर दिया।

चारधाम मार्गों पर लगेंगे एएनपीआर कैमरे

चारधाम यात्रा मार्गों पर वाहनों की निगरानी के लिए स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए। पहले से लगे कैमरों के माध्यम से चिह्नित यातायात उल्लंघन मामलों के साथ अन्य मोटरयान कानूनों के उल्लंघन पर भी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। चारधाम मार्गों पर कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व के तहत ट्रॉमा सेंटर और चालक विश्राम गृह स्थापित करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव व परिवहन आयुक्त रविनाथ रामन, सचिव वित्त रणवीर सिंह चौहान, निदेशक यातायात कृष्ण कुमार, अपर सचिव परिवहन रीना जोशी, अपर सचिव विनीत कुमार, नमामि बंसल, तृप्ति भट्ट, संतोष बड़ोनी, नूतन लक्ष्मी, अपर आयुक्त परिवहन एसके सिंह, संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव मेहरा, उप परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी व आरटीओ देहरादून संदीप सैनी व अनीता चमोली उपस्थित थे।

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