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उत्तराखंड से यूपी तक 'खेल': 51 टन बजरी लेकर दौड़ रहा था ट्रक, परिवहन विभाग ने पकड़ी दोनों राज्यों के खनन विभाग की पोल

Published: Tue, 06 Oct 2026 06:47 AM (GMT+05:30)

परिवहन विभाग ने उत्तराखंड से यूपी आ रहे एक ओवरलोड ट्रक को पकड़ा, जिसमें क्षमता से 16 टन अधिक बजरी ...और पढ़ें

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HighLights

  1. परिवहन विभाग ने दोनों राज्यों के खनन विभाग विभाग को दे दी खुली चुनौती

  2. ट्रक और डंपरों में बजरी और बजरफुट परिवहन में मिलीभगत से हो रहा खेल

कमलेश शर्मा, बरेली। राजनीतिक गलियारे में कुछ दिनों पहले कांग्रेस ने ‘चौकीदार चोर है’ का जुमला बड़े जोर-शोर से प्रसारित किया था। वह प्रसंग तो अलग था, लेकिन ओवरलोडिंग के मामले में यह जुमला बिल्कुल फिट बैठ रहा है। उत्तराखंड से उत्तर प्रदेश में रेता, बजरी और बजरफुट का आयात बहुतायत में होता है।

ट्रक और डंपर में कितना वजह लादा जाएगा, इसका मानक भी तय है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की मिली-भगत से अंकुश लगाने के बजाय ओवरलोडिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। खनन विभाग के अधिकारियों द्वारा काटी गई पर्ची से ही इसकी पुष्टि हो रही है।

जिस ट्रक को उत्तराखंड और यूपी के खनन विभाग ने हरी झंडी दे दी थी, परिवहन विभाग ने उसी पर 16 टन अतिरिक्त भार होने पर कार्रवाई करते हुए दोनों राज्यों के खनन विभाग को खुली चुनौती दे दी है।

उत्तराखंड से बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद समेत आसपास के जिलों में नियमित बजरी और बजरफुट लदे ट्रक मंगाए जाते हैं। वाहनों के आधार पर अधिकतम भार ढ़ोने के मानक भी तय हैं।

एक एक्सल, चार पहिया वाले वाहन पर अधिकतम 11.5 टन, दो एक्सल, आठ पहिया वाले वाहन पर अधिकतम 21 टन, तीन एक्सल, 12 पहिया वाले वाहनों पर अधिकतम 27 से 35 टन का माल लादा जा सकता है।

परिवहन विभाग के यात्री कर अधिकारी रमेश चंद्र प्रजापति के नेतृत्व वाली टीम ने बहेड़ी क्षेत्र के बंजरिया में उत्तराखंड से आ रहे ट्रक और डंपरों की चेकिंग कर रही थी। रामपुर जा रहे दस टायरा ट्रक को रोक कर धर्मकांटा पर तौल कराई पर 51 टन माल लदा हुआ था।

जबकि उसकी क्षमता अधिकतम 35 टन की थी। टीम में शामिल अधिकारियों ने जब चालक से आइएसटीपी यानि पर्ची मांगी तो चालक ने सामने रख दिया। उत्तराखंड से जारी की गई आइएसटीपी में 51 टन ही अंकित था।

मजे की बात यह है कि बार्डर पर चेकिंग के समय उत्तर प्रदेश के खनन विभाग के अधिकारियों ने उसे सही मानते हुए आगे जाने की अनुमति दे दी। ट्रक को सीज कर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

मगर, परिवहन विभाग की कार्रवाई से दोनों राज्यों के खनन अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। ओवरलोडिंग को सड़क पर पकड़ने से पहले उसे खनन स्रोत स्थल पर ही रोक दिया जाए तो चेकिंग और कार्रवाई की नौबत ही नहीं आएगी और दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा।

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