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सुप्रीम कोर्ट के आदेश भी बेअसर! बरेली के टोल प्लाजा पर बेखौफ दौड़ रहे ओवरलोड वाहन, धर्मकांटे बने शो-पीस

Published: Mon, 05 Oct 2026 11:08 PM (IST)

बरेली के टोल प्लाजा पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद ओवरलोड वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। ...और पढ़ें

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HighLights

  1. एनएचएआइ के टोल प्लाजा पर कांटा तो लगाया है, पर नहीं हो रही निगरानी

  2. बरेली-नैनीताल हाईवे स्थित टोल प्लाजा पर सप्ताह में दो दिन ही हो रही चेकिंग

जागरण संवाददाता, बरेली। दुर्घटना का कारण बन रहे ओवरलोड वाहनों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का अभी व्यवस्था पर अभी कोई असर नहीं हुआ है। जिला मार्गों पर तो कहीं कोई रोकटोक नहीं हो रही है, हाईवे के टोल प्लाजा पर भी ओवरलोड वाहन सामान्य टोल पर ही निकाले जा रहे हैं।

जबकि सुप्रीम कोर्ट ने अतिरिक्त भार उतारे बिना ऐसे वाहनों को आगे नहीं जाने देने के निर्देश दिए हैं। टोल प्लाजा पर धर्मकांटा भी लगे हुए हैं, लेकिन उसकी कहीं कोई निगरानी नहीं कराई जा रही है।

बरेली-लखनऊ हाईवे पर फरीदपुर, बरेली-दिल्ली हाईवे पर फतेहगंज पश्चिमी, बरेली-सितारगंज हाईवे पर लभेड़ा और बरेली-नैनीताल हाईवे पर भोजीपुरा में टोला प्लाजा पर वाहनों से टोल वसूल किए जा रहे हैं।

टोल प्लाजा पर दोनों साइड में धर्मकांटा लगाए गए हैं, लेकिन इनका उपयोग नहीं किया जा रहा है। ट्रक और डंपर के लिए निर्धारित सामान्य टोल पर ही ओवरलोड वाहन भी निकाले जा रहे हैं।

ओवरलोडिंग पर सुप्रीम कोर्ट ने कोई नई बात नहीं कही है, अतिरिक्त भार उतरवाकर संचालन का कानून पहले से बना हुआ है, लेकिन धरातल पर इसका पालन नहीं हो रहा है।

उत्तरखंड से बजरी और बजरफुट लेकर आने वाले ट्रक और डंपरों में ओवरलोडिंग रोकने के लिए जिला प्रशासन ने भाेजीपुरा टोल प्लाजा पर महीने भर चौबीस घंटे चेकिंग कराई थी, लेकिन अब यह चेकिंग शनिवार और रविवार तक सीमित कर दी गई है।

फरीदपुर टोल प्लाजा के मैनेजर पवन कुमार कहते हैं कि टोल प्लाजा पर अभी ओवरलोडिंग की कोई निगरानी नहीं की जा रही है। सामान्य टोल पर ही वाहन निकाले जा रहे हैं।

हाईवे पर बेखौफ दौड़ रहे ओवरलोड वाहन

फतेहगंज पश्चिमी। राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिट्टी, बालू, निर्माण सामग्री समेत अन्य सामान लादकर चलने वाले ओवरलोड वाहन दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। कुछ वाहनों में सामान निर्धारित ऊंचाई से अधिक भरकर ले जाया जा रहा है।

पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई का दावा करते हैं, लेकिन ओवरलोडिंग पर अंकुश नहीं लग सका है। ओवरलोड ट्रकों में ब्रेक लगाने पर नियंत्रण मुश्किल होने के साथ ही मोड़ पर वाहन के असंतुलित होने की आशंका रहती है।

क्षेत्र में पूर्व में भारी वाहनों की चपेट में आने से हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की मृत्यु हो चुकी है। परिवहन और पुलिस विभाग के अधिकारी दावा करते हैं कि जांच के दौरान ओवरलोड मिलने पर चालान और जुर्माने की कार्रवाई के बाद अतिरिक्त भार उतरवाकर वाहन को आगे भेजा जाता है।

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