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नीट पीजी-2026 का परिणाम आया, उत्तराखंड में 2025 के अभ्यर्थी अभी काउंसलिंग की कतार में

Published: Sun, 11 Oct 2026 09:27 PM (GMT+05:30)

उत्तराखंड में नीट पीजी-2025 के अभ्यर्थी फेपस कोर्स की काउंसलिंग का इंतजार कर रहे हैं, जो नियमों में बदलाव के ...और पढ़ें

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सुकांत ममगाईं, देहरादून। नीट पीजी-2026 का परिणाम जारी हो चुका है, लेकिन नीट पीजी-2025 के अभ्यर्थी अब भी फेपस (फंडामेंटल्स आफ एब्डोमिनो-पेल्विक अल्ट्रासोनोग्राफी) की काउंसलिंग का इंतजार कर रहे हैं। हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की ओर से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से अभ्यर्थियों के सामने प्रवेश को लेकर असमंजस बना हुआ है।

यह भी स्पष्ट नहीं है कि उन्हें पुराने परिणाम की मेरिट के आधार पर मौका मिलेगा भी या नहीं। फंडामेंटल्स आफ एब्डोमिनो-पेल्विक अल्ट्रासोनोग्राफी छह महीने का प्रशिक्षण पाठ्यक्रम है, जिसमें चिकित्सकों को पेट और पेल्विस के अंगों की अल्ट्रासाउंड जांच का प्रशिक्षण दिया जाता है।

इसकी काउंसलिंग नीट-पीजी की मेरिट के आधार पर होती है। पर नीट पीजी-2025 के अभ्यर्थियों के लिए प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई, जबकि 2026 की परीक्षा का परिणाम भी आ गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने विश्वविद्यालय से ईमेल और फोन के माध्यम से जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

इधर, विवि प्रशासन के अनुसार पहले यह पाठ्यक्रम उन्हीं चिकित्सा महाविद्यालयों में संचालित होता था, जहां रेडियोलाजी में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम उपलब्ध था। उत्तराखंड में हिमालयन इंस्टीट्यूट और हल्द्वानी मेडिकल कालेज में इसका संचालन होता था।

हल्द्वानी मेडिकल कालेज में रेडियोलाजी की पीजी सीट नहीं रहने के कारण पाठ्यक्रम बंद हो गया। अब नियमों में बदलाव हुआ है और स्त्री एवं प्रसूति रोग में पीजी पाठ्यक्रम संचालित करने वाले चिकित्सा महाविद्यालयों को भी यह कोर्स चलाने की अनुमति है।

इससे प्रदेश के अन्य चिकित्सा महाविद्यालयों में भी पाठ्यक्रम शुरू होने की संभावना है, लेकिन नए नियमों के अनुरूप शासनादेश और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने में समय लगने से काउंसलिंग अटकी हुई है।

अभ्यर्थियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि नीट पीजी-2025 के आधार पर आवेदन करने वालों की पात्रता किस तरह तय होगी। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जूयाल ने बताया कि नियमों में बदलाव के कारण औपचारिकताएं पूरी करने में समय लगा है। काउंसलिंग जल्द कराई जाएगी। हालांकि, इसकी तिथि निर्धारित होने का अभी इंतजार है।

नीट यूजी: तीसरे चरण की सरप्राइज सीटें मिलने की उम्मीद

नीट यूजी की तीसरे चरण की काउंसलिंग में राज्य कोटे के तहत एमबीबीएस की कुछ अतिरिक्त सीटें मिलने की उम्मीद है। सीटों का आवंटन सोमवार को किया जाएगा। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) ने रविवार को आल इंडिया कोटे के तहत आवंटित सीटों की सूची वेबसाइट पर अपडेट कर दी है।

एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल के अनुसार, एमसीसी और राज्य कोटे की काउंसलिंग में अभ्यर्थियों के आवेदन, दाखिले और च्वाइस फिलिंग का मिलान किया जा रहा है।

आल इंडिया कोटे के तहत जिन अभ्यर्थियों को दाखिला मिल चुका है, उनकी राज्य कोटे की च्वाइस ब्लाक कर दी जाएगी। इससे राज्य कोटे में सीटें खाली होने की संभावना है। विश्वविद्यालय को उम्मीद है कि इससे 30 से 40 अतिरिक्त सीटें मिल सकती हैं।

उधर, सामाजिक कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप बहुगुणा ने पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पत्र भेजकर काउंसलिंग प्रक्रिया में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भी पत्र की प्रतिलिपि भेजी है।

बहुगुणा ने कहा कि सीटों का आवंटन नौ अक्टूबर को होना था, लेकिन इसे टाला जा रहा है। उन्होंने पांच संदिग्ध छात्र-छात्राओं के फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने में लगे होने का दावा करते हुए मामले में कार्रवाई की मांग उठाई है।

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