विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

उत्तराखंड में मानसून की विदाई करीब, कुमाऊं में आज तेज बारिश का यलो अलर्ट

Published: Thu, 24 Sep 2026 07:53 AM (IST)

मैदानी इलाकों में गर्मी बढ़ी है, जबकि कुमाऊं के कई जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा और तेज हवाओं का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड में मानसून फिलहाल कमजोर बना हुआ है। मैदानी इलाकों में तेज धूप निकलने से गर्मी और उमस बढ़ी हुई है, जबकि कुमाऊं के कुछ हिस्सों में हल्की वर्षा दर्ज की गई।

मौसम विभाग के अनुसार अगले दो-तीन दिनों में मानसून की विदाई की परिस्थितियां बन रही हैं। हालांकि, इससे पहले प्रदेश में कुछ स्थानों पर तेज बौछारों के दौर देखने को मिल सकते हैं।

गुरुवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा, पौड़ी, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। प्रदेश के शेष जिलों में मौसम मुख्यत: शुष्क रहने का अनुमान है।

र्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना

मौसम विभाग ने शनिवार को बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी और पिथौरागढ़ में यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने, तेज झोंकेदार हवाएं चलने और वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना है।

यह भी पढ़ें- Himachal Weather 24th September: विदाई से पहले मानसून दिखाएगा कड़े तेवर, हिमाचल के 7 जिलों के लिए अलर्ट

इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है। इसके बाद रविवार और सोमवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर बढ़ने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, पूरी दिल्ली और उत्तर प्रदेश व गुजरात के कुछ हिस्सों से आगे वापस लौट चुका है। उत्तराखंड से भी अगले कुछ दिन में यह विदा हो सकता है।

सितंबर का तीसरा सप्ताह सूखा, सामान्य से 88 प्रतिशत कम वर्षा

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून सीजन के दौरान अब तक कुल वर्षा सामान्य से अधिक दर्ज की गई है, लेकिन सितंबर के अंतिम सप्ताह में बारिश की गतिविधियां काफी कमजोर पड़ गई हैं।

मौसम विभाग के अनुसार सितंबर के तीसरे सप्ताह में प्रदेश में औसतन सिर्फ चार मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 33 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। यानी सप्ताह के दौरान बारिश में 88 प्रतिशत की कमी रही।

इस अवधि में रुद्रप्रयाग को छोड़कर सभी जिलों में सामान्य से 75 प्रतिशत से अधिक कमी दर्ज की गई। रुद्रप्रयाग में 16.4 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य 26.1 मिलीमीटर की तुलना में 37 प्रतिशत कम रही। ऊधम सिंह नगर में 8.5, देहरादून और उत्तरकाशी में 4.8-4.8, पौड़ी में 4.6, चंपावत में 4.2 और पिथौरागढ़ में 3.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सबसे कम बारिश अल्मोड़ा में 0.9 मिलीमीटर रही।

यह भी पढ़ें- देशभर में सामान्य से 15 प्रतिशत कम दर्ज हुई मानसूनी बारिश, बढ़ेगा जलसंकट?

टिहरी में 1.3, हरिद्वार में 1.4, चमोली में 1.8 और नैनीताल में 3.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। हालांकि, पूरे मानसून सीजन की तस्वीर इससे अलग है। उत्तराखंड में अब तक 1160 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि सामान्य वर्षा 1142 मिलीमीटर है। इस लिहाज से सीजन में बारिश सामान्य से दो प्रतिशत अधिक है।

सितंबर में भी अब तक बारिश सामान्य से अधिक रही है। इस महीने अब तक 193 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि सामान्य वर्षा 162 मिलीमीटर है। यानी सितंबर में अब तक बारिश करीब 20 प्रतिशत अधिक है।