देशभर में सामान्य से 15 प्रतिशत कम दर्ज हुई मानसूनी बारिश, बढ़ेगा जलसंकट?
देश में मानसूनी बारिश सामान्य से 15 प्रतिशत कम दर्ज की गई है, जिससे अल नीनो का प्रभाव स्पष्ट दिख ...और पढ़ें

देश में मानसूनी बारिश सामान्य से 15% कम दर्ज हुई।
HighLights
देश में मानसूनी बारिश सामान्य से 15% कम दर्ज हुई।
अल नीनो की स्थिति मजबूत होने से बारिश पर दबाव बढ़ा।
खरीफ फसलों पर मानसून की कमी का असर फिलहाल सीमित।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में मानसूनी बारिश की कमी बढ़कर दीर्घकालिक औसत से 15 प्रतिशत हो गई है। वहीं, अल नीनो की स्थिति मजबूत होने से आने वाले दिनों में बारिश पर दबाव बढ़ने का जोखिम है। आइसीआइसीआइ बैंक रिसर्च की ताजा कृषि रिपोर्ट में यह आकलन सामने आया है।
रिपोर्ट के अनुसार, 21 सितंबर तक देश में कुल 704 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 15 प्रतिशत कम है। दक्षिण भारत में कमी सबसे अधिक 27 प्रतिशत रही, जबकि पूर्वी भारत में यह 26 प्रतिशत रही। मध्य भारत में बारिश छह प्रतिशत और उत्तर-पश्चिम भारत में 10 प्रतिशत कम रही।
हालांकि, खरीफ फसलों पर मानसून की कमी का असर फिलहाल कुछ हद तक सीमित रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में हुई सामान्य से अधिक बारिश ने फसलों को कुछ राहत दी और खरीफ फसलों की बुवाई भी लगभग पूरी हो चुकी है। अल नीनो की स्थिति कृषि के लिए प्रमुख जोखिम बनी हुई है।
नीनो 3.4 सूचकांक 2.53 पर पहुंच गया, जबकि 2015 में इसी अवधि में यह 2.14 था। हालांकि, इंडियन ओशन डीपोल (आइओडी) सूचकांक 0.7 पर सकारात्मक क्षेत्र में पहुंच गया है, जिससे आने वाले दिनों में अल नीनो के कुछ नकारात्मक प्रभाव कम होने की संभावना है।
18 सितंबर तक खरीफ फसलों की बुवाई 110.4 मिलियन हेक्टेयर रही, जो पिछले वर्ष के 111.9 मिलियन हेक्टेयर से 1.3 प्रतिशत कम है। धान का रकबा 3.7 प्रतिशत घटकर 42.9 मिलियन हेक्टेयर रहा।
सोर्स- ANI के इनपुट के मुताबिक
