Himachal Weather 24th September: विदाई से पहले मानसून दिखाएगा कड़े तेवर, हिमाचल के 7 जिलों के लिए अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में मानसून विदाई से पहले एक बार फिर कड़े तेवर दिखाने को तैयार है। मौसम विज्ञान केंद्र ने ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में फिर बारिश की संभावना बन रही है।
HighLights
26-27 सितंबर को हिमाचल में भारी बारिश की चेतावनी।
शिमला सहित 7 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया।
ताजा पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव आएगा।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून भले ही विदाई की दहलीज पर खड़ा है, लेकिन जाते-जाते यह एक बार फिर कड़े तेवर दिखाने को तैयार है। कुछ दिनों से खिली धूप और उमस के बीच, मौसम विज्ञान केंद्र ने 26 और 27 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बिजली चमकने और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस बदलाव का मुख्य कारण एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना है।
26 सितंबर को शिमला, सोलन और सिरमौर जिले में येलो अलर्ट। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। 27 सितंबर को खतरे का दायरा बढ़ेगा। बिलासपुर, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर और किन्नौर में येलो अलर्ट रहेगा। हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
2 से 3 डिग्री गिरेगा पारा, दस्तक देगी ठंड
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 24 से 29 सितंबर तक मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। 26 से 28 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियां चरम पर होंगी। अगले तीन-चार दिन तापमान स्थिर रहेगा, लेकिन उसके बाद अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जाएगी। इससे प्रदेश में ठंड की विधिवत शुरुआत हो जाएगी।
कम वर्षा, फिर भी बरपा कहर 354 जानें गईं
इस साल मानसून के दौरान हिमाचल में सामान्य से 10 फीसदी कम वर्षा दर्ज की गई (पिछले साल सामान्य से 40 फीसदी अधिक थी), लेकिन तबाही के मामले में यह कोई राहत नहीं दे सका। इस सीजन में अब तक 354 लोगों की मौत हो चुकी है, 601 घायल हैं और 4 लापता हैं। इनमें से 211 मौतें सड़क हादसों में और 143 मौतें भूस्खलन, बाढ़ और डूबने से हुईं।
सबसे ज्यादा 51 मौतें शिमला में दर्ज की गईं। इसके बाद कांगड़ा (45), चंबा (43), सिरमौर (39) और कुल्लू (33) का नंबर है। संपत्ति का नुकसान देखते हुए 160 घर पूरी तरह जमींदोज हो गए, जबकि 521 को आंशिक नुकसान पहुंचा।
लोक निर्माण विभाग को 2,744 करोड़ रुपये सहित प्रदेश को कुल 3,219 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। अभी भी प्रदेश में 48 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं, जिन्हें खोलने का काम जारी है।
