देहरादून, सुमन सेमवाल। Uttarakhand Coronavirus लॉकडाउन से लेकर अनलॉक 2.0 तक के छह चरणों में कोरोना का संक्रमण निरंतर अपनी चाल बदलता रहा है। अप्रैल माह तक कोरोना के 57 मामले दर्ज थे और अल्मोड़ा व पौड़ी (एक-एक केस) को छोड़कर पूरा पहाड़ इससे महफूज था। मई माह में प्रवासियों की आमद के साथ कोरोना का संक्रमण जून माह तक पहाड़ चढ़ता रहा और सभी जिले इसकी चपेट में आ गए। जुलाई में जब अनलॉक 1.0 शुरू किया गया, तब तक अधिकतर प्रवासी लौट चुके थे और मैदानी जिलों में कामकाज पटरी पर आने के साथ कामगारों की आवाजाही तेज होने लगी।

 यहीं से कोरोना संक्रमण का पैटर्न बदलने लगा। प्रवासियों की आमद के रूप में मिले संक्रमण पर पर्वतीय जिले काबू पाने लगे, जबकि मैदानी जिलों में आवाजाही तेज हो जाने से यहां के इलाके संक्रमण का गढ़ बनने लगे। जुलाई माह के आंकड़ों पर गौर करने पर पता चलता है कि संक्रमण के 85.84 फीसद मामले देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर व नैनीताल में ही सामने आए। जुलाई माह में कोरोना के 4302 नए मामले दर्ज किए गए, जिनमें 3693 मामले इन्हीं चार जिलों से हैं। इसी के अनुरूप इन जिलों का डबलिंग रेट भी कम हुआ है।

यानी कोरोना कम दिनों में डबल होने लगा है। अब हम अनलॉक 3.0 का हिस्सा हैं और यह भी साफ हो गया है कि चार बड़े जिलों में कोरोना का नया खतरा पैदा हो गया है। सरकारी मशीनरी को यहां अधिक फोकस करने की जरूरत है। इससे प्रदेश का रिकवरी रेट भी जुलाई माह में फिर से गिरने लगा है और कोरोना संक्रमण के डबल होने के औसत दिन भी कम हो रहे हैं। वहीं, नए मामले बढऩे के साथ मृत्यु के आंकड़े बढऩे से सरकार की चिंता भी बढऩे लगी है। फिर भी इतनी राहत जरूर है कि सैंपलिंग का ग्राफ बढऩे से कोरोना के अधिकतर मामले क्लोज कॉन्टेक्ट की स्थिति में ही पकड़ लिए जा रहे हैं।   

मैदानी जिलों में इस तरह बढ़ा संक्रमण 

जुलाई 

  • अब तक कुल - 7183 
  • माह में नए मामले - 4302 
  • चार जिलों में - 3693 
  • कुल प्रतिशत - 85.84 

 मई 

  • अब तक कुल मामले - 2881 
  • माह में नए मामले - 2079 
  • चार जिलों में - 1171 
  • कुल प्रतिशत - 56.32 

 अप्रैल 

  • अब तक कुल मामले - 802 
  • माह में नए मामले - 745 
  • चार जिलों में - 512 
  • कुल प्रतिशत -  63.84 

 31 जुलाई तक कोरोना के दर्ज केस 

जिला- कुल केस- एक्टिव केस 

  • हरिद्वार-  1416, 926 
  • ऊधमसिंहनगर- 1252, 809 
  • नैनीताल- 1104, 508 
  • देहरादून - 1659, 394 
  • पिथौरागढ़- 143, 73 
  • उत्तरकाशी -  191, 70 
  • अल्मोड़ा - 302, 56 
  • चंपावत - 119, 51 
  • बागेश्वर - 102, 38 
  • टिहरी -  517, 26 
  • पौड़ी -  210, 25 
  • चमोली -  92, 10 
  • रुद्रप्रयाग - 76, 10 
  • कुल - 7183, 2996 

 मैदानी जिलों में इसलिए बढ़ रहे मामले 

हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां हैं, लिहाजा यहां बाहरी राज्यों से श्रमिकों व अन्य कामगारों का आवागमन तेज हो गया है। इन्हीं कारणों से कोरोना का संक्रमण भी बढ़ रहा है। देहरादून प्रदेश की अस्थायी राजधानी है और यहां भी बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां हैं। इसके अलावा सेना व आइटीबीपी की तमाम स्थापनाएं होने के चलते एक से दूसरे राज्यों में आवागमन लगा रहता है। नैनीताल का भी बड़ा भूभाग मैदानी है और रोजगार के लिहाज से यह एक बड़ा हब है। इन चारों जिलों में अन्य राज्यों में आवागमन अधिक होने के चलते कोरोना के नए मामले सामने आते जा रहे हैं। दूसरी तरफ कोविड-19 व अन्य प्रमुख अस्पताल भी यहीं स्थापित होने के चलते दूसरे जिलों व राज्यों के केस भी यहीं पर दर्ज किए जाने से संक्रमण की दर ऊपर चढ़ रही है। 

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सैंपलिंग ने पकड़ी रफ्तार (लिए गए सैंपल) 

  • 31 मार्च तक - 513 
  • 30 अप्रैल तक -  6,565 
  • 31 मई तक -  30,438 
  • 30 जून तक - 69,024 
  • 31 जुलाई तक - 1,63,683 

संक्रमण दर और रिकवरी रेट (फीसद में)

  • अवधि -  संक्रमण - रिकवरी  
  • 31 मार्च को - 1.46, 28.57 
  • 30 अप्रैल को -  0.92, 63.16 
  • 31 मई को - 3.43, 12.72 
  • 30 जून को -  4.74, 77.84 
  • 31 जुलाई को - 4.75, 58.03 

जुलाई में हुई सर्वाधिक मौत 

  • मार्च व अप्रैल -  शून्य मौत 
  • मई माह -  05 मौत 
  • जून माह - 36 मौत 
  • जुलाई माह - 39 मौत 
  • कुल मौत - 80 

 कंटेनमेंट जोन की बढ़ती संख्या 

  • मार्च - 01 
  • अप्रैल - 15 
  • मई -  36 
  • जून - 100 
  • जुलाई -344 

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