विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 के लिए सर्वे से तय होगा कांग्रेस प्रत्याशियों का भाग्य

Published: Fri, 02 Oct 2026 11:25 PM (IST)

उत्तराखंड में कांग्रेस 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुट गई है, जिसमें प्रत्याशियों के चयन पर विशेष ध्यान दिया ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. कांग्रेस 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है।

  2. पार्टी हाईकमान प्रत्याशियों के चयन के लिए सर्वे करा रहा है।

  3. नवंबर अंत तक 40 उम्मीदवारों को तैयारी का संकेत मिलेगा।

केदार दत्त, जागरण देहरादून। उत्तराखंड में पिछले दो विधानसभा चुनावों से पराजय झेलती आ रही कांग्रेस अब मिशन-2027 के लिए सीटवार गणित साध रही है। बेरोजगारी, पलायन, भर्ती परीक्षाएं, महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था समेत अन्य मुद्दों पर सरकार को घेर जीत के अनुकूल समीकरण तलाशने के साथ ही कांग्रेस नेतृत्व ने प्रत्याशियों के चयन की दिशा में कवायद भी प्रारंभ कर दी है।

सूत्रों के अनुसार इस सिलसिले में प्रदेश नेतृत्व की सहमति से पार्टी हाईकमान सर्वे करा रहा है, जिसके आधार पर नवंबर के आखिर तक 40 सीटों पर मौजूदा विधायकों समेत संभावित प्रत्याशियों को चुनावी तैयारी में जुटने का संकेत दे दिया जाएगा।

शेष 30 सीटों में अटकी या अधिक संघर्ष वाली सीटों के लिए इसके बाद रणनीति तय की जाएगी। 70 सदस्यीय राज्य विधानसभा में वर्तमान में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों की संख्या 20 है, जिनमें दो सीटें उसे उपचुनाव में हासिल हुई।

ऐसे में कांग्रेस के सामने मौजूदा सीटों को बचाए रखने के साथ ही उन विधानसभा क्षेत्रों में वापसी की राह तलाशने की चुनौती है, जहां पिछली बार उसे पराजय मिली। इसके लिए विधानसभा क्षेत्रवार मुद्दों, जातीय व सामाजिक समीकरणों, संगठन की स्थिति और संभावित दावेदारों की सक्रियता का आकलन किया जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार कुछ समय पहले राज्य में राजनीतिक दलों की स्थिति को लेकर सर्वे कराया गया था, जिसमें कांग्रेस को बढ़त के संकेत मिले। इससे उत्साहित पार्टी नेतृत्व अब प्रत्याशी चयन की कवायद में जुट गया है।

नेतृत्व का फोकस इस बार टिकट के दावेदारों की संख्या से अधिक जिताऊ उम्मीदवार तलाशने पर है। इसी क्रम में सर्वे कराया जा रहा है, जिसमें संभावित दावेदारों की जमीनी पकड़, संगठन के साथ समन्वय, स्थानीय समीकरण और जनता के बीच उनकी स्थिति का आकलन किया जा रहा है। यह सर्वे नवंबर के पहले पखवाड़े तक पूरा हो जाएगा।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि प्रत्याशी चयन के दृष्टिगत मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन का आकलन भी कराया जा रहा है। जिन सीटों पर नए चेहरों की जरूरत होगी, वहां संभावित दावेदारों में से मजबूत विकल्प तलाशे जाएंगे।

जैसे संकेत मिल रहे हैं, उससे साफ है कि नवंबर आखिर में मौजूदा 20 विधायकों के साथ ही पिछले विधानसभा चुनाव में लड़े नेताओं में से जो लगातार सक्रिय हैं, उनमें से 20 नेताओं को चुनाव लड़ने के दृष्टिगत तैयारियों में जुटने के संकेत दे दिए जाएंगे।

यह भी पढ़ें- उत्तराखंड भाजपा को सहप्रभारी बांसुरी स्वराज के पांच चुनावी टास्क, जनसंवाद पर सबसे ज्यादा जोर

यह भी पढ़ें- संपादकीय: एसआईआर का बेजा विरोध