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बढ़ सकती है उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति की मुश्किलें, बयानों की तस्दीक में जुटी SIT

Published: Wed, 21 Oct 2026 09:59 AM (IST)

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू पर जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोपों की SIT जांच तेज ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद के मामले में विशेष जांच दल (एसआइटी) ने जांच तेज कर दी है। एसआइटी अब मंत्री की ओर से दिए गए बयानों की तस्दीक करने में जुटी है।

इन बयानों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके बाद जल्द ही मंत्री के स्टाफ के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं। स्टाफ के बयान इस मामले में अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि गिरधारी लाल साहू पर मंत्री के स्टाफ के सामने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है।

एसआइटी का प्रयास है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों और बयानों का मिलान कर स्थिति स्पष्ट की जाए। इसके लिए संबंधित स्टाफ से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। मंत्री के बयानों के बाद स्टाफ के सदस्यों से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि कथित घटना के संबंध में उन्होंने क्या देखा या सुना था। उनके बयान दर्ज होने के बाद जांच की दिशा को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

स्टाफ के बयान होंगे अहम

मामले में जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप महत्वपूर्ण है। शिकायत के अनुसार, गिरधारी लाल साहू ने कथित तौर पर मंत्री के स्टाफ के सामने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था। ऐसे में एसआइटी के लिए स्टाफ के सदस्यों के बयान दर्ज करना अहम कदम होगा।

जांच के दौरान उनके बयानों का अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से मिलान किया जा सकता है, ताकि आरोपों की पुष्टि या खंडन से जुड़े तथ्यों को सामने लाया जा सके। एसआइटी की ओर से पहले मंत्री के बयान दर्ज किए जाने के बाद अब अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।

वाइस सैंपल की प्रक्रिया भी जल्द

मामले में आडियो को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। ऐसे में एसआइटी जल्द ही वाइस सैंपल लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर सकती है। इसके लिए गिरधारी लाल साहू को नोटिस भेजकर वाइस सैंपल की प्रक्रिया के संबंध में अदालत में बुलाया जाएगा।

वाइस सैंपल मिलने के बाद संबंधित आडियो से आवाज का मिलान कराने की दिशा में कार्रवाई की जा सकती है। जांच में आडियो की प्रमाणिकता और आवाज के मिलान की प्रक्रिया अहम साबित हो सकती है।

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