उत्तराखंड में 18 लाख छात्रों को मिलेगा डिजिटल लर्निंग का लाभ, सरकार ने आवंटित किया 200 करोड़ का बजट
उत्तराखंड सरकार ने 18 लाख से अधिक विद्यार्थियों के लिए डिजिटल लर्निंग का दायरा बढ़ाने हेतु अनुपूरक बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

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अशोक केडियाल, जागरण, देहरादून। उत्तराखंड के 19 लाख से अधिक विद्यार्थी अब पारंपरिक कक्षा शिक्षण के साथ डिजिटल लर्निंग के माध्यम से भी पढ़ाई करेंगे। इसके लिए सरकार ने 200 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट में प्रविधान किया है। इस पहल से प्रदेश के प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालयों, इंटर कालेजों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत करीब 18.6 लाख विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा का लाभ मिलेगा।
डिजिटल माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई की सामग्री उपलब्ध होने के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी सहायता मिलने की उम्मीद है। इससे शिक्षा को तकनीक से जोड़ने और विद्यार्थियों के लिए सीखने के नए अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
प्रदेश में शिक्षा का परिदृश्य
सरकारी विद्यालय :
प्राथमिक विद्यालय : 11580
उच्च प्राथमिक विद्यालय : 2603
माध्यमिक-उच्च माध्यमिक : 933
इंटर कालेज : 1385
छात्र संख्या : 5,05853
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- प्रदेश के स्कूलाें में डिजिटल पुस्तकालय : 266
- पीएमश्री विद्यालयाें में 1203 आइसीटी और 2320 स्मार्ट क्लासेस बनेगी
- राज्य में स्मार्ट क्लास से जुड़े हैं 4719 विद्यालय
- 1340 विद्यालयों में वर्चुअल क्लास हो रहीं संचालित
- आइसीटी लैबयुक्त हैं 363 विद्यालय
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- कक्षा छह से 12 तक 1.90 लाख विद्यार्थी ग्रहण करते हैं डिजिटल शिक्षा
- हाइब्रिड मोड में शिक्षा निदेशालय से वर्चुअल जुड़ते हैं 840 विद्यालय
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उच्च शिक्षा
- 119 में से 72 सरकारी कालेज डिजिटल लर्निंग से जुड़े
- सभी राजकीय विवि में एक से दो कक्षाएं डिजिटल लर्निंग से हो रहीं संचालित
एआइ शिक्षक प्रशिक्षण को मिली है वैश्विक पहचान
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से विकसित ‘बिल्डिंग फ्यूचर-रेडी टीचर थ्रू एआइ’ परियोजना को वैश्विक स्तर पर सराहना मिल चुकी है। इस परियोजना को यूनेस्को के एआइ फार एजुकेशन अवार्ड-2026 के शिक्षक प्रशिक्षण वर्ग में दुनिया की शीर्ष छह परियोजनाओं में स्थान मिला। इसकी घोषणा स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित एआइ फार गुड ग्लोबल समिट-2026 में की गई।
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‘सरकार ने स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक डिजिटल लर्निंग पर विशेष ध्यान दिया है। राज्य के विद्यालयों में पहले से ही स्मार्ट क्लास और वर्चुअल माध्यम से हाइटेक पढ़ाई हो रही है। अब ऐसे दूरदराज क्षेत्रों में सरकारी स्कूल और महाविद्यालयों को भी डिजिटल लर्निंग के दायरे में लाया जाएगा, जहां इसकी सख्त जरूरत है।’
डा. धन सिंह रावत, शिक्षा मंत्री
