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उत्तराखंड विधानसभा सत्र में 7844 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश, धामी सरकार ने विकास के संकल्प के साथ खोली पोटली

Published: Tue, 27 Oct 2026 05:07 PM (IST)

धामी सरकार ने विधानसभा में 7844.18 करोड़ रुपये का पहला अनुपूरक बजट पेश किया, जिसमें अवस्थापना विकास और जन सुविधाओं ...और पढ़ें

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राज्य ब्यूरो, जागरण, गैरसैंण। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रदेश में विकास कार्य तीव्र गति से होंगे। अवस्थापना विकास, शिक्षा के साथ ही आमजन के लिए जरूरी सुविधाओं और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए धामी सरकार ने अनुपूरक मांगों के माध्यम से बजट पोटली खोल दी है।

ग्रीष्मकालीन राजधानी में विधानसभा सत्र के पहले दिन मंगलवार को सदन में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7844.18 करोड़ का प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। अवस्थापना विकास का संकल्प दोहराते हुए पूंजीगत मद में 4164.32 करोड़ की राशि रखी गई है।

वहीं, चालू कार्यों को पूरा करने की गति बढ़ाने के लिए राजस्व मद में 3679.86 करोड़ दिए गए हैं। छठे राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के प्रतिवेदन को स्वीकार कर शहरी निकायों व त्रिस्तरीय पंचायतों की राज्य के कर राजस्व में हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत की गई है।

इससे इन समस्त निकायों की झोली में चालू वित्तीय वर्ष में ही 721 करोड़ रुपये की धनवर्षा होगी। अनुपूरक बजट को शामिल करने के बाद चालू वित्तीय वर्ष के लिए बजट का आकार बढ़कर 1,19,547.39 करोड़ हो गया है।

इससे पहले मार्च माह में गैरसैंण में ही आयोजित बजट सत्र में 1,11,703.21 करोड़ के वार्षिक बजट को स्वीकृति दी गई थी। अनुपूरक में सड़कों एवं ढांचागत सुविधाओं के विकास पर कदम तेजी से आगे बढ़ाए गए हैं।

ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए जल जीवन मिशन से जुड़े ठेकेदारों को बकाया भुगतान के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। उनके लिए 300 करोड़ की राशि रखी गई है। गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए 122 करोड़ की व्यवस्था की गई है।

केंद्र सरकार की पूंजीगत सहायता योजना के अंतर्गत अवसंरचना विकास के लिए 500 करोड़ दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग को पीएमजीएसवाइ की ग्रामीण सड़कों के रखरखाव को 31 करोड़, जबकि ग्राम्य विकास को 30 करोड़ दिए गए हैं।

जोशीमठ व अन्य स्थानों में भू-धंसाव के अंतर्गत कार्यों के लिए 48 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। अनुपूरक बजट में प्रदेश के विकास से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं के लिए बजट का प्रविधान किया गया। वहीं हरिद्वार में दिव्य कुंभ मेले की व्यवस्था के लिए 290 करोड़ का प्रविधान हुआ है।

साइबर आक्रमण से विभागों को बचाने के लिए नवीन स्टेट डेटा सेंटर निर्माण के लिए 40 करोड़ खर्च किए जाएंगे। जनता को इलाज के लिए अटल आयुष्मान योजना के अंतर्गत 100 करोड़ और सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने को गोल्डन कार्य योजना के लिए 125 करोड़ की व्यवस्था की गई है।

अनुपूरक मांगों में प्रमुख प्रविधान

-ग्रामीण एवं शहरी स्थानीय निकायों के लिए 721 करोड़, छठवें राज्य वित्त आयोग की सिफारिश स्वीकार, राज्य के कर राजस्व में इनके लिए अनुदान 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत किया।
-अन्नपूर्ति योजना में अन्नदाता से धान व गेहूं की खरीद के लिए 1100 करोड़
-केंद्र के विशेष सहायता अनुदान से अवसंरचना विकास कार्यों के लिए 500 करोड़
-जल जीवन मिशन में ठेकेदारों के बकाया भुगतान को 300 करोड़
-हरिद्वार में दिव्य कुंभ मेले की व्यवस्था के अंतर्गत अवस्थापना कार्यों को 290 करोड़
-हरिद्वार-गंगा कारिडोर परियोजना को मिलेंगे 30 करोड़
-डिजिटल लर्निंग के लिए विद्यालयी शिक्षा व उच्च शिक्षा में 200 करोड़ का प्रविधान
-अटल आयुष्मान के लिए 100 करोड़ एवं कर्मचारियों को गोल्डन कार्ड के लिए 125 करोड़
-पिथौरागढ़ व रुद्रपुर मेडिकल कालेजों व नर्सिंग कालेजों के लिए 160 करोड़
-कल्याणकारी पेंशन को 93 करोड़
-नंदा राजजात संचालन को 20 करोड़
-खेल विश्वविद्यालय के लिए 35 करोड़
-लोक निर्माण विभाग को पीएमजीएसवाइ सड़कों के अनुरक्षण को 31 करोड़ व ग्राम्य विकास को 30 करोड़
-मेगा इंडस्ट्रीयल नीति के अंतर्गत अनुदान योजना के लिए 12 करोड़
-महिला स्पोर्ट्स कालेज, चंपावत को 10 करोड़
-ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए 28 करोड़
-किसान पेंशन योजना मद में नौ करोड़
-मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना को दो करोड़
-ज्योतिष, आयुर्वेद समेत अध्यात्म विधाओं के अध्ययन को बढ़ावा देने को मदन मोहन प्राच्य संस्थान के लिए दो करोड़

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