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यूपीसीएल में बिजली सुरक्षा को लेकर सख्त रुख, हादसों पर तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही

Published: Fri, 24 Jul 2026 08:33 AM (IST)

यूपीसीएल ने विद्युत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक विशेष सेफ्टी ऑडिट समिति का गठन किया है।

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

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राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने विद्युत सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है।

प्रबंध निदेशक पीसी. ध्यानी ने स्पष्ट किया कि कार्मिकों और आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा बिजली सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यस्थलों पर प्रतिदिन सुरक्षा शपथ दिलाई जाए और सभी कार्य निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही किए जाएं।

प्रणाली का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश

गुरुवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेशभर के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता आनलाइन माध्यम से शामिल हुए। बैठक में एमडी ने सभी अधिकारियों को विद्युत सुरक्षा मानकों (एसओपी), परमिट टू वर्क और लाक-आउट टैग-आउट (एलओटीओ) प्रणाली का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी विद्युत दुर्घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया जाएगा। संबंधित क्षेत्र में होने वाली दुर्घटना के लिए अधीक्षण अभियंता से लेकर अवर अभियंता तक जवाबदेह होंगे। सभी अधीक्षण अभियंताओं को अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने और संभावित जोखिमों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया है।

विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए मुख्य अभियंता जसवंत सिंह के नेतृत्व में विशेष विद्युत सुरक्षा आडिट समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह समिति प्रदेशभर के उपकेंद्रों, फीडरों और कार्यस्थलों का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों और विभागीय निर्देशों के अनुपालन की जांच करेगी तथा आवश्यक सुधारात्मक सुझाव देगी।

एमडी ने वोल्टेज डिटेक्टर, डिस्चार्ज राड और सभी व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) के अनिवार्य उपयोग पर जोर दिया। साथ ही प्रत्येक क्षेत्र में रेस्क्यू किट, फर्स्ट एड सामग्री, अर्थ राड और क्विक रिस्पांस टीम को हर समय सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून और संभावित आपदा की परिस्थितियों में अतिरिक्त सतर्कता बरतना जरूरी है।

किसी भी विद्युत दुर्घटना या आपात स्थिति की सूचना तत्काल मुख्यालय को दी जाए और निर्धारित प्रक्रिया के तहत त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक के अंत में उन्होंने कहा कि सुरक्षा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है और प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी का दायित्व है कि वह स्वयं के साथ-साथ सहकर्मियों और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।

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