देहरादून, जेएनएन। घर वापसी कर रहे यात्रियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का असर शुक्रवार से ही नजर आने लगा। देहरादून से खगड़िया बिहार के लिए रवाना हुई ट्रेन में जाने वाले यात्रियों को टिकट लेने की जरूरत नहीं पड़ी। जिन यात्रियों ने पहले टिकट बना लिए थे, उनको स्टेशन पर रिफंड कर दिया गया। ट्रेन से 1152 यात्री भेजे गए। इससे पहले बिहार गई सभी ट्रेनों के यात्रियों से टिकट के पैसे लिए गए थे।

शुक्रवार को देहरादून रेलवे स्टेशन से खगड़िया, बिहार के लिए ट्रेन तय समय से पांच मिनट देर से एक बजकर पांच मिनट पर रवाना हुई। सुबह साढ़े नौ बजे से यात्रियों का स्टेशन पर आना शुरू हो गया था। जिनमें अधिकाश श्रमिक रहे। पुलिस चौकी और थानों में पंजीकृत यात्रियों को बन्नू स्कूल से टुकड़ियों में स्टेशन लाया गया। सभी के नाम और आधार कार्ड चेक करने के बाद शारीरिक दूरी का पालन कराते हुए बोगियों में बैठाया गया।

बोगी में बैठने से पहले प्रशासन ने ट्रस्ट के सहयोग से सभी यात्रियों को भोजन किट, सेनिटाइजर व मास्क भी उपलब्ध कराए। इस दौरान स्टेशन निदेशक गणेश चंद ठाकुर, स्टेशन अधीक्षक एसडी डोभाल, वाणिज्य निरीक्षक एसके अग्रवाल, एसआइ राहुल कापड़ी समेत अन्य रेलवे के अधिकारी भी मौजूद रहे। 

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सरकार के निर्देश के बाद हुआ रिफंड 

सुप्रीम कोर्ट ने तो घर वापसी कर रहे यात्रियों से टिकट के पैसे न लेने के आदेश जारी कर दिए थे, लेकिन इस संबंध में प्रदेश सरकार की ओर से निर्देश जारी न होने के कारण सुबह चार बोगियों के यात्रियों से टिकट के पैसे लिए जा चुके थे। हालांकि, जब प्रदेश सरकार ने निर्देश जारी किए तो अन्य यात्रियों से टिकट के पैसे नहीं लिए गए और जिनसे पैसे लिए गए थे उन्हें स्टेशन पर ही रिफंड कर दिया गया था। अभी तक बिहार छह ट्रेनें जा चुकी हैं। इन सभी के यात्रियों से टिकट का शुल्क लिया गया था। यह पहली ट्रेन थी, जिसमें यात्रियों से कोई शुल्क नहीं लिया गया।

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