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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तराखंड में अब दीपावली के बाद होगी बाघ गणना, गुलदार, भालू व हिम तेंदुओं का भी किया जाएगा आकलन

By Sunil NegiEdited By:
Published: Tue, 19 Oct 2021 09:35 AM (GMT+05:30)Updated: Tue, 19 Oct 2021 01:54 PM (GMT+05:30)

उत्तराखंड में होने वाली वन्यजीव गणना के लिए तैयारियां तेज होने लगी हैं। गणना के सिलसिले में सभी क्षेत्रों में ...और पढ़ें

उत्तराखंड में बाघ गणना अब अगले माह दीपावली के बाद शुरू होगी।
उत्तराखंड में बाघ गणना अब अगले माह दीपावली के बाद शुरू होगी।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड में बाघ गणना अब अगले माह दीपावली के बाद शुरू होगी। प्रदेश में हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण इसे आगे खिसकाना पड़ा है। पहले यह गणना इस माह के तीसरे सप्ताह से प्रस्तावित थी। राज्य स्तर पर होने वाली बाघ गणना के तहत इस मर्तबा गुलदार, भालू व हिम तेंदुओं का आकलन भी किया जाएगा।

बाघ संरक्षण में उत्तराखंड उल्लेखनीय भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2018 की अखिल भारतीय गणना के मुताबिक यहां कार्बेट व राजाजी टाइगर रिजर्व समेत 12 वन प्रभागों में बाघों की संख्या 442 है। अब फिर से अखिल भारतीय बाघ गणना होने जा रही है। इसके तहत उत्तराखंड में भारतीय वन्यजीव संस्थान के सहयोग से होने वाली गणना के लिए वन विभाग ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है।

इस बीच बाघों की मौजूदगी मैदानी क्षेत्रों से हटकर उच्च हिमालयी क्षेत्र तक पाई गई है। मध्यमेश्वर, केदारनाथ वन प्रभाग, अस्कोट अभयारण्य समेत अन्य स्थानों पर लगे कैमरा ट्रैप में बाघों की तस्वीरें पूर्व में कैद हुई थीं। राज्य के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जेएस सुहाग के अनुसार इस मर्तबा बाघ गणना को संपूर्ण राज्य में कराने का निर्णय लिया गया है। बाघ गणना के दौरान न सिर्फ बाघ, बल्कि गुलदार, भालू और हिम तेंदुओं का आकलन भी किया जाएगा। इसी के दृष्टिगत कार्ययोजना बनाई गई है। इसके साथ ही जो अन्य वन्यजीव गणना के दौरान दिखेंगे, वे भी रिपोर्ट किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि गणना के लिए सभी वन प्रभागों में कार्मिकों का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है। गणना इसी माह के तीसरे हफ्ते से शुरू होनी थी, लेकिन खराब मौसम के कारण अब यह नवंबर पहले हफ्ते से प्रारंभ की जाएगी। इसके तहत पहले चरण में संबंधित क्षेत्रों में ग्रिड (गणना को बनाई जाने वाली ट्रेल) बनाए जाएंगे। फिर विभागीय टीमें गणना कार्य में जुटेंगी। इसके साथ ही कार्बेट व राजाजी टाइगर रिजर्व समेत अन्य वन क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप लगाए जाएंगे।

पता चलेगा कि सूबे में कितने गुलदार

उत्तराखंड में पहाड़ से लेकर मैदान तक गुलदारों का आंतक बना हुआ है। आए दिन इनके हमले सुर्खियां बन रहे हैं। ऐसे में इनकी संख्या में इजाफा होने की बात कही जा रही है, लेकिन वर्ष 2008 के बाद राज्य स्तर पर इनका आकलन ही नहीं हुआ। अब बाघ गणना के दौरान गुलदारों की वास्तविक संख्या भी सामने आएगी।

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