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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 17, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Tiger Conservation Plan: राजाजी का टाइगर कंजर्वेशन प्लान जल्द होगा तैयार, जानिए इसके बारे में

By Raksha PanthriEdited By:
Published: Sun, 17 Oct 2021 09:05 AM (GMT+05:30)

Rajaji National Park एनटीसीए की गाइडलाइन में स्पष्ट है कि प्रत्येक टाइगर रिजर्व के लिए उसका टाइगर कंजर्वेशन प्लान (टीसीपी) ...और पढ़ें

राजाजी का टाइगर कंजर्वेशन प्लान जल्द होगा तैयार।
राजाजी का टाइगर कंजर्वेशन प्लान जल्द होगा तैयार।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की गाइडलाइन में स्पष्ट है कि प्रत्येक टाइगर रिजर्व के लिए उसका टाइगर कंजर्वेशन प्लान (टीसीपी) अनिवार्य है। बावजूद इसके उत्तराखंड में राजाजी टाइगर रिजर्व के टीसीपी को लेकर सुस्ती का आलम है। हालांकि, अब इस दिशा में शासन सक्रिय हुआ है। अपर मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण आनंद बर्द्धन ने राजाजी के टाइगर कंजर्वेशन प्लान को जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश वन विभाग का दिए हैं। प्रयास ये है कि राज्य वन्यजीव बोर्ड की 22 अक्टूबर को प्रस्तावित बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव अनुमोदन के लिए रखा जाए।

राजाजी टाइगर रिजर्व वर्ष 2015 में अस्तित्व में आया था, लेकिन इसका टाइगर कंजर्वेशन प्लान अभी तक आकार नहीं ले पाया है। 10 वर्ष के लिए तैयार होने वाले इस प्लान के तहत रिजर्व में बाघ समेत अन्य वन्यजीवों के प्रबंधन की कार्ययोजना बननी है तो वन और वन्यजीव सुरक्षा को कदम उठाए जाने हैं। साथ ही प्रबंधन में रिजर्व से लगे ग्रामीण क्षेत्रों की भागीदारी सुनिश्चित कर स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन किया जाना है।

सूत्रों ने बताया कि पूर्व में एनटीसीए ने टाइगर कंजर्वेशन प्लान को लेकर सख्त रुख अपनाया तो तब जाकर इसका मसौदा तैयार किया गया। फिर मुख्य सचिव के समक्ष इसका प्रस्तुतीकरण भी हुआ। तब मुख्य सचिव ने इसमें आजीविका विकास समेत कुछ अन्य सुझाव दिए थे, लेकिन विभिन्न कारणों से प्लान का मसला अटकता रहा। अब इस प्लान को लेकर शासन संजीदा हुआ है। दो दिन पहले ही अपर मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण आनंद बर्द्धन ने टाइगर कंजर्वेशन प्लान के संबंध में समीक्षा की। उन्होंने वन्यजीव पर्यटन समेत अन्य विषयों से जुड़ी गतिविधियों के संबंध में सुझाव दिए।

अपर मुख्य सचिव के अनुसार टाइगर कंजर्वेशन प्लान का मसौदा करीब-करीब तैयार हो गया है। इसमें कुछ बिंदुओं में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विभाग से कहा गया है कि वह जल्द से जल्द इसे फाइनल करे। उन्होंने उम्मीद जताई कि 22 अक्टूबर को होने वाली वन्यजीव बोर्ड की बैठक में इस प्लान से संबंधित प्रस्ताव रखा जाएगा। बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद इसे राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।

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