देहरादून, जेएनएन। छोटी सी उम्र में अदम्य साहस व वीरता का परिचय देने वाले तीन बच्चों के नाम उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद ने राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए भेजे हैं।

उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद की महासचिव पुष्पा मानस ने बताया कि तीन छात्रों के बेहतर साहस को देखते हुए उनके नाम भारतीय बाल कल्याण परिषद नई दिल्ली को भेजे हैं। उन्होंने बताया कि इसी वर्ष बीते छह अक्टूबर को पौड़ी जिले के चौबाट्टाखाल निवासी राखी का आठ वर्षीय भाई राघव व माता शालिनी के साथ जब वह खेत के लिए जा रहे थे तो शाम के समय गुलदार ने राखी के भाई पर झपटा मार दिया।

भाई की जान खतरे में पड़ी देख राखी ने अपने भाई को सीने से लगा दिया और गुलदार से भिड़ गई। इस बीच उसकी मां के शोर मचाने से गुलदार मौके भाग निकला लहुलुहान हालत में राखी को पहले नजदीक के पोखड़ा अस्पताल लाया गया, उसके बाद कोटद्वार और फिर दिल्ली के सबदरजंग अस्पताल में उसका इलाज चला। हाल ही में राखी को अस्पताल से छुट्टी मिली है।

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उधर, इसी वर्ष 20 जून को शिमला बाईपास पर तेलपुरा में एक शादी समारोह के दौरान आठ से नौ साल का बच्चा भटककर मिश्रवाला के पास सड़क के किनारे घबराकर खड़ा था, इस दौरान वहां से सूरज कोठारी और आयुष कोठारी ने जब बच्चे से पूछा तो उसने अपना घर उत्तर प्रदेश के अमरोहा बताया। इससे अधिक बच्चा और कुछ नहीं बता पा रहा था। सूरज कोठारी और आयुष कोठारी ने उस बच्चे को निकट की पुलिस चौकी के सुपुर्द कर दिया। बाद में पुलिस ने खोजबीन कर बच्चों को उसके परिजन अमरोहा पहंचा दिया गया। परिषद की संयुक्त सचिव कमलेश्वर प्रसाद भट्ट ने बताया कि तीनों बच्चों की वीरता को देखते हुए उनके नाम राष्ट्रीय वीरता के लिए भेजे गए हैं।

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