पौड़ी, जेएनएन। अपने छोटे भाई को गुलदार (तेंदुए) के पंजे से छुड़ाने के लिए अदम्य साहस का परिचय देने वाली ग्राम देवकुंडई की 11 वर्षीय राखी को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार दिए जाने की संस्तुति की गई है। जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्‍याल ने प्रमुख सचिव गृह को इस आशय का संस्तुति पत्र भेज दिया है।

चौबट्टाखाल तहसील ग्राम देवकुंडई में 11 वर्षीय राखी व चार वर्षीय उसका छोटा भाई राघव चार अक्टूबर को सुबह मां के साथ खेत में गए थे। दोपहर करीब ढाई बजे राखी अपने भाई को कंधे में बैठाकर खेतों से गांव की ओर आ रही थी। इसी दौरान उनकी माता शालिनी उनके पीछे कुछ दूरी पर थी। रास्ते में अचानक गुलदार राघव पर झपटा। यह सब देखकर राखी घबराई नहीं और गुलदार से भिड़ गई और भाई को उसके पंजे से छुड़ाकर सीने से चिपकाकर मुंह के बल लेट गई। 

इस पर गुलदार ने राखी पर पंजे व दांतों से कई घाव किए। लेकिन लहूलुहान होने के बाद भी उसने राघव को नहीं छोड़ा। इस दौरान मां भी वहां पहुंची और शोर मचाया, जिस पर गुलदार जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों ने राखी व राघव को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पोखड़ा ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को कोटद्वार लाया गया। यहां से राखी को हायर सेंटर रेफर किया गया।

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इस मामले में एसडीएम चौबट्टाखाल ने पूरी घटना की जानकारी जिलाधिकारी को भेजी। अब 11 वर्षीय राखी के अदम्य साहस को देखते हुए उसका नाम राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए भेजे जाने की संस्तुति की गई है। जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्‍याल ने बताया कि राखी ने साहस का जो परिचय दिया वह सम्मानित होने की पात्र है। कहा कि इस संबंध में प्रमुख सचिव गृह को संस्तुति पत्र भेज दिया गया है।

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