हरीश तिवारी, ऋषिकेश। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड उत्तराखंड में राज्य सरकार के साथ मिलकर दस नई जल विद्युत परियोजनाओं पर काम करेगा। टीएचडीसी के निदेशक तकनीक आरके विश्नोई ने बताया कि कारपोरेट प्लान के तहत इन सभी परियोजनाओं से 2000 मेगा वाट विद्युत उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय से इस पर सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है।

टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कारपोरेशन इंडिया लिमिटेड के गंगा भवन स्थित कार्यालय में दैनिक जागरण के साथ बातचीत में निदेशक तकनीक आरके विश्नोई ने बताया कि टीएचडीसी कारपोरेट प्लान के तहत मुख्य रूप से तीन प्रोजेक्ट तैयार कर रहा है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट उत्तराखंड में दस नई जल विद्युत परियोजना से संबंधित है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार के साथ तैयार होने वाली यह परियोजनाएं चमोली, उत्तरकाशी और कुमाऊं मंडल में प्रस्तावित है। इनके संबंध में केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय से सैद्धान्तिक सहमति मिल चुकी है।

निदेशक तकनीक आरके विश्नोई ने बताया कि टीएचडीसी पहली मर्तबा तैरते सोलर पावर प्रोजेक्ट के क्षेत्र में भी कदम रखने जा रहा है। इस योजना के तहत फ्लोटिंग सोलर पैनल झील में स्थापित किए जाएंगे। इससे ऊर्जा संरक्षण के साथ जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। टिहरी बांध झील के अतिरिक्त राज्य सरकार के अंतर्गत आने वाले प्रोजेक्ट के अंतर्गत झीलों पर इस तरह के सोलर प्लांट प्रोजेक्ट स्थापित किए जाएंगे। इस पर भी ऊर्जा मंत्रालय से सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है। निदेशक तकनीक ने बताया कि सोलर पावर प्रोजेक्ट पर विश्व बैंक ने मदद देने की सहमति दी है। उन्होंने बताया कि टीएचडीसी बोर्ड से इन तमाम प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद दो वर्ष के भीतर इन सभी परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा।

उत्तराखंड में 100 इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन बनाएगा टीएचडीसी

पूरे देश में जिस तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रयोग बढ़ रहा है, उसके अनुरूप इनके लिए चार्जिंग स्टेशन विकसित होना भी जरूरी है। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के निदेशक तकनीक आरके विश्नोई ने बताया कि पेट्रोल पंप की तरह उत्तराखंड में एक सौ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन टीएचडीसी की ओर से खोले जाएंगे। एनटीपीसी की तर्ज पर यह स्टेशन स्थापित होंगे। उन्होंने बताया कि सीएसआर (कारपोरेट सर्विस रिस्पांसिबिलिटी) योजना के तहत इस तरह के दस स्टेशन भी प्रस्तावित है। निदेशक तकनीक आरके विश्नोई ने कहा कि उत्तराखंड में इस तरह के इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन बनने से निश्चित रूप से यहां के पर्यटन को गति मिलने के साथ पर्यावरण का भी संरक्षण होगा। इन सभी स्टेशन का संचालन टीएचडीसी स्वयं करेगा।

आरके विश्नोई ने बताया कि चकराता के ऊपरी क्षेत्र यमुना वैली, धारचूला के धौलीगंगा क्षेत्र, कर्णप्रयाग के पिंडर घाटी क्षेत्र में करीब 10 प्रोजेक्ट बनाने की योजना है। प्रोजेक्ट की उत्पादन क्षमता 150 से 300 मेगावाट तक है।

यह सभी प्रोजेक्ट उत्तराखंड सरकार के सहयोग से बनेंगे। इसलिए केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की सैद्धांतिक सहमति मिलने के बाद अब केंद्र सरकार इस संबंध में राज्य सरकार को लिखेगी।

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Edited By: Raksha Panthri