देहरादून, राज्य ब्यूरो। देश सरकार के खाते में एक और उपलब्धि दर्ज हो गई है। इस साल अब तक ग्रामीण इलाकों में एक लाख पेयजल कनेक्शन देने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। जल जीवन मिशन के तहत हर घर को नल से जोड़कर स्वच्छ पेयजल मुहैया कराना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी वजह से राज्य की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार भी हर घर को नल से जोड़ने के लक्ष्य को प्राथमिकता दे रही है। बीते दिनों मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पेयजल महकमे को इस मुहिम को जल्द पूरा करने की हिदायत दे चुके हैं। सरकार ने तय किया है कि प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों के 10 लाख घरों में अगले साल मार्च के महीने तक पानी पहुंचाया जाएगा।

प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सिर्फ 2.18 लाख घरों के पास ही पेयजल कनेक्शन हैं। इन परिवारों को घर में ही पेयजल उपलब्ध हो रहा है। राज्य बने हुए तकरीबन 20 साल होने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों के 14.61 लाख घरों के पास पेयजल कनेक्शन नहीं है। इस मामले में पर्वतीय क्षेत्रों का हाल ज्यादा बुरा है। इन क्षेत्रों के दूरस्थ गांवों में पेयजल आपूर्ति की दुरुस्त व्यवस्था नहीं है। जिन गांवों में पेयजल उपलब्ध है, लेकिन वह हर घर तक नहीं पहुंच रहा है। महिलाओं को पानी लाने के लिए दुर्गम क्षेत्रों में आवाजाही के रूप में मशक्कत करनी पड़ रही है।

पेयजल सचिव नितेश झा ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर जल मिशन के तहत हर घर में पानी पहुंचाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में अब सिर्फ एक रुपये में ही पेयजल कनेक्शन मुहैया कराया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में चालू वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने मार्च तक 10 लाख घरों तक पेयजल कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान के अच्छे नतीजे दिखाई देने लगे हैं। पिछले तीन महीनों में ही 52 हजार घरों तक पानी पहुंचाया गया है। एक साल के भीतर तय लक्ष्य को हासिल किया गया है।

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