विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

स्विट्जरलैंड से उत्तराखंड आई गंगा को भाए भारतीय संस्कार, 10 साल से कर रहीं करवाचौथ व्रत

Published: Thu, 29 Oct 2026 08:30 AM (IST)Updated: Thu, 29 Oct 2026 08:46 AM (IST)

स्विट्जरलैंड की गंगा ने भारतीय संस्कृति अपनाकर ऋषिकेश के जितेंद्र धाकड़ से शादी की। वह पिछले 10-11 सालों से अपने ...और पढ़ें

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

मनोज राणा, ऋषिकेश। स्विट्जरलैंड की रहने वाली गंगा को भारतीय संस्कृति ऐसी भायी कि वह यहीं की होकर रह गईं। भारतीय संस्कृति की मुरीद हुई गंगा ने नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक के वार्ड नंबर-3 सभासद जितेंद्र धाकड़ से शादी कर भारतीय बहू के रूप में अपना वैवाहिक जीवन शुरू किया।

गंगा ने बताया कि उनकी शादी वर्ष 2018 में हुई थी। वह एक-दूसरे को शादी से करीब तीन साल पहले से जानते थे। इसी दौरान उनका करवाचौथ के प्रति रुझान बढ़ा। उन्होंने इन तीन सालों में इसे अपनाने की कोशिश की और यही कोशिश उनके वैवाहिक जीवन की अटूट डोर बन गई।

 हर साल रख रही हैं करवाचौथ का व्रत 

तब से लेकर अब तक वह बीते 10-11 वर्षों से अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए हर साल करवाचौथ का व्रत रख रही हैं। इस बार भी वह पूरे उत्साह के साथ व्रत की तैयारी में जुटी हैं। उन्होंने बताया कि उनका परिवार स्विट्जरलैंड से आकर लक्ष्मणझूला-सिलोगी मोटर मार्ग स्थित घट्टूगाड़ क्षेत्र में रह रहा है। उनका छोटा भाई अभी स्विट्जरलैंड में पढ़ाई कर रहा है।

भारतीय संस्कृति की मुरीद होने के कारण वह अब पूरी तरह से यहां की बहू बन गई हैं और भारतीय रीति-रिवाजों को दिल से अपना रही हैं। उनके वैवाहिक जीवन में दो संतान हैं, एक बेटा और एक बेटी। वह अपनी संतानों को भी भारतीय संस्कृति की अच्छी शिक्षा दे रही हैं। उनका वैवाहिक जीवन बहुत सुखमय चल रहा है।

उनके माता-पिता टेरिसा और पीटर लोडर भी समय-समय पर स्विट्जरलैंड से घट्टूगाड़ और वहां से स्वर्गाश्रम स्थित उनके घर आते-जाते रहते हैं। गंगा का कहना है कि हर विवाहित महिला को अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए करवाचौथ का व्रत जरूर करना चाहिए।

यह भी पढ़ें- आज का पंचांग 29 अक्टूबर 2026: करवाचौथ पर बन रहे हैं दुर्लभ शुभ योग, नोट कर लें पूजा का सही मुहूर्त और राहुकाल का समय

यह भी पढ़ें- करवाचौथ पर किस शुभ मुहूर्त में करें पूजा? चंद्रोदय का समय, पूजन विधि, मंत्र और आरती समेत यहां लें पूरी जानकारी