देहरादून, राज्य ब्यूरो। कांग्रेस ने नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत अध्यक्ष के साथ ही पार्षद पदों पर विजयी निर्दलों के बारे में जिलों से ब्योरा तलब किया है। निर्दलों में डोरे डालने की तैयारी है। वहीं भितरघात की शिकायतों को लेकर पार्टी वेट एंड वॉच की मुद्रा में है। 

नगर निकाय चुनाव में अपने प्रदर्शन को लेकर प्रदेश कांग्रेस यूं तो संतोष व्यक्त कर रही है, लेकिन चुनाव में निर्दलों को मिली बढ़त से पार्टी अंदरखाने बेचैन भी है। पार्टी अब निर्दलों को अपने पाले में खींचने पर जोर लगाने की तैयारी कर रही है। 

दरअसल, टिकट वितरण से असंतुष्ट होकर कई कांग्रेसियों ने बगावत कर बतौर निर्दल निकाय चुनाव में खम ठोका। यह स्थिति अध्यक्ष पदों के साथ ही पार्षद पदों पर भी है। पार्टी ने अब ज्यादा से ज्यादा निर्दल पार्षदों को साथ लेने की मशक्कत तेज कर दी है। 

दरअसल, कांग्रेस की नजरें आगामी लोकसभा चुनाव पर टिकी हैं। इस चुनाव में पार्टी वार्डो में सक्रिय पार्षदों की अहम भूमिका मान रही है। लिहाजा पार्षदों के मन की थाह लेने की कोशिशें शुरू हो चुकी हैं। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह के निर्देश पर सभी जिलाध्यक्षों से कांग्रेस से जुड़े निर्दल विजयी प्रत्याशियों के साथ अन्य किसी भी दल से अब तक नहीं जुड़े निर्दलों के बारे में रिपोर्ट मांगी गई है। 

प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि जिलाध्यक्षों की रिपोर्ट मिलने के बाद पार्टी के पार्षदों के बारे में स्थिति साफ करेगी। उधर, पराजित हुए पार्टी प्रत्याशियों की ओर से भितरघात की शिकायतें प्रदेश मुख्यालय को भेजने का सिलसिला शुरू हो गया है। 

फिलहाल पार्टी इन शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई के पक्ष में नहीं है। इन शिकायतों के बारे में भी जिला कांग्रेस कमेटी से फीडबैक लिया जाएगा।

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र चार दिसंबर से होगा शुरू

यह भी पढ़ें: आप की प्रत्याशी रजनी रावत ने चुनाव में किया सबसे ज्यादा खर्च

यह भी पढ़ें: निकाय चुनाव: लक्ष्मी पंत बने पोखरी नगर पंचायत के अध्यक्ष

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस