देहरादून, जेएनएन। राज्य आंदोलनकारियों ने राज्य स्थापना दिवस को राज्य गौरव दिवस के रूप में मनाया। कचहरी परिसर स्थित शहीद स्मारक पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारियों ने भाग लिया। उधर, राज्य स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री के शहीद स्मारक न आने पर राज्य आंदोलनकारियों में रोष है। उन्होंने इसकी कड़ी भर्त्सना की है।

शहीद स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में सभी राज्य आंदोलनकारियों ने शहीदों को नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद पर मांगल गीत गाकर उत्सव की शुरुआत की। वहीं लोक गीत, हास्य नृत्य नाटिका आदि की प्रस्तुति भी हुई। सुलोचना भट्ट, प्रभा नैथानी, प्रमिला रावत, रजनी रावत, राजेश्वरी चमोला, जयदीप सकलानी, सतीश धोलाखंडी, त्रिलोचन भट्ट ने जनगीतों की प्रस्तुति दी। इसके अलावा संस्कृति विभाग की ओर से हंस नृत्य नाटिका, वेलफेयर सोसायटी की ओर से लोक गीतकार मंजु सुंदरियाल, प्रदीप बुटोला आदि ने अपनी प्रस्तुति दी। इस दौरान शहीद राजेश रावत की मां आनंदी रावत, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुशीला बलूनी, राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन नेगी, ओमी उनियाल, रविंद्र जुगरान, रामलाल खंडूड़ी, प्रदीप कुकरेती, रामलाल खंडूड़ी, मोहन रावत, मनमोहन लखेड़ा, पृथ्वी सिंह नेगी, जयदीप सकलानी, अरुण थपलियाल, जयदीप सकलानी, अरुणा थपलियाल, चंद्रकांता बेलवाल, मंजू नेगी, निर्मला बिष्ट, मोहन खत्री आदि उपस्थित रहे। 

101 मोटर साइकिलों के काफिले के साथ पहुंचे झबरेड़ा विधायक

शहीद स्मारक पर आयोजित राज्य स्थापना दिवस समारोह में झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल अलग अंदाज में पहुंचे। वह 101 मोटर साइकिलों के काफिले के साथ शहीदों को श्रद्धांजलि देने झबरेड़ा से दून आए। मोहंड में यूपी पुलिस ने उन्हें रोक दिया था, पर बाद में आने दिया। 

दोपहर 12.30 बजे के करीब 101 मोटर साइकिलों की रैली राज्य आंदोलन के शहीदों के जयघोष के साथ शहीद स्मारक पर पहुंची। यहां सबसे पहले विधायक कर्णवाल ने समर्थकों के साथ शहीदों को नमन किया। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष जगमोहन नेगी और जिलाध्यक्ष प्रदीप कुकरेती सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारियों ने उनका स्वागत किया। करीब दो मिनट बैठने के बाद विधायक मंच पर पहुंच गए। वहां राज्य आंदोलनकारियों की याद में गूंज रहे गीतों पर नृत्य करने लगे। कर्णवाल ने कहा कि जिन शहीदों की बदौलत उत्तराखंड राज्य बना है, ऐसे शहीदों को नमन करना गर्व की बात है। बता दें, विधायक को शुक्रवार को ही अस्पताल से छुट्टी मिली थी। जिसके बाद शनिवार सुबह वह रुड़की से सीधे दून स्थित शहीद स्मारक स्थल पहुंचे।

सरकार के विरुद्ध असहयोग आंदोलन

चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति ने भी राज्य स्थापना दिवस पर शहीदों को नमन किया। महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष सावित्री नेगी के नेतृत्व में समिति के सदस्यों ने शहीद स्थल पर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में राज्य आंदोलनकारियों की एक भी मांग का संज्ञान नहीं लिया है। ऐसे में अब सरकार के खिलाफ असहयोग आंदोलन चलाया जाएगा और समिति सड़क पर उतर आंदोलन करेगी।

गैरसैंण बने राजधानी

नेताजी संघर्ष समिति ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग सरकार से की है। समिति के अध्यक्ष अरविंद कुमार गुप्ता व वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रभात डंडरियाल ने कहा कि स्थापना दिवस को मनाने की सार्थकता तभी सिद्ध होगी, जब चहुंमुखी विकास होगा और राज्य प्रगति की ओर अग्रसर होगा। इसके अलावा जन भावनाओं के अनुरूप गैरसैंण को राजधानी घोषित किया जाए।

नारेबाजी करते पहुंचे विधायक कर्णवाल, मचा हड़कंप

भारत-भारती उत्सव में रक्षा मंत्री के संबोधन के दौरान विधायक देशराज कर्णवाल अपने समर्थकों के साथ नारेबाजी करते हुए पहुंच गए। इससे वहां हड़कंप मच गया। एसएसपी तुरंत मौके पर पहुंचे और विधायक से आग्रह कर नारेबाजी बंद कराकर तख्तियां नीचे कराईं। शनिवार को परेड ग्राउंड में भारत-भारती उत्सव के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जनता को संबोधित कर रहे थे। इसी बीच कार्यक्रम में झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल समर्थकों के साथ पहुंच गए। उनके समर्थक हाथ में नीले रंग की तख्तियां लिए हुए थे और राजनाथ सिंह जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे।

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तख्तियों पर लगे पोस्टर में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की फोटो भी थी। यह देखकर मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री और अधिकारियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने डीएम और एसएसपी से मामले की जांच करने को कहा। एसएसपी अरुण मोहन जोशी मौके पर पहुंचे तो पता चला कि भाजपा विधायक कर्णवाल हैं। उन्होंने विधायक को समझाया कि नारेबाजी बंद कराकर तख्तियां नीचे करा लें। इसके बाद पुलिस अफसर विधायक को लेकर मंच तक गए, जबकि समर्थकों को वहीं बैठा दिया।

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Posted By: Sunil Negi

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