देहरादून, राज्य ब्यूरो। उत्तराखंड मिड डे मील योजना को ज्यादा असरदार बनाने की तैयारी है। प्रत्येक विद्यालय में हर महीने एक दिन विशेष भोज होगा। साथ ही विद्यालयों में किचन गार्डन विकसित करने में अहम भूमिका निभाने वाले शिक्षकों राज्य पुरस्कारों में वरीयता अंक देने पर भी सरकार विचार कर रही है। 

प्रदेश में 17 हजार से ज्यादा प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को मिड डे मील दिया जा रहा है। बीते दिनों मिड डे मील के बावजूद विद्यालयों में नामांकित छात्रों की संख्या में कमी आने से शिक्षा महकमा चिंतित है। 

ऐसे में मिड डे मील को और प्रभावी बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत अगले शैक्षिक सत्र 2020-21 में बच्चों को अतिरिक्त पोषण हफ्ते में दो दिन देने पर सहमति बनी है। मिड डे मील मेन्यू में चावल, दाल, सब्जी शामिल हैं। विद्यालयों को स्थानीय खाद्य पदार्थों को मेन्यू में शामिल करने की छूट दी गई है। हफ्ते में अतिरिक्त पोषण के रूप में छात्रों को अंडा, फल, गुड़पापड़ी में से एक खाद्य पदार्थ और एक दिन सुगंधित मीठा दूध दिया जा रहा है। 

शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि मिड डे मील योजना को विद्यालयों में ज्यादा प्रभावी बनाया जाएगा। इससे विद्यालयों में अधिक संख्या में छात्र दाखिला लेने को प्रेरित होंगे। साथ में उन्हें पौष्टिक भोजन मिल सकेगा। महीने में एक दिन विशेष भोज आयोजित किया जाएगा। 

इसमें शिक्षा महकमे के आला अधिकारी भी शिरकत करेंगे। इससे मिड डे मील की गुणवत्ता पर जोर दिया जा सकेगा। वह खुद विशेष भोज में शामिल होंगे। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह भी ऐसे भोज में शामिल होने की इच्छा जता चुके हैं। 

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उन्होंने बताया कि बच्चों को भोजन के लिए थाली घर से न लाना पड़े, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सभी बच्चों को थालियां मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार से किचन उपकरण में धन की मांग की जा रही है। अगले वित्तीय वर्ष के लिए बजट प्रस्ताव में इसे शामिल किया गया है।

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