उत्तराखंड में स्मार्ट मीटर पर उठे थे सवाल, सही निकले यूपीसीएल के बिल
विद्युत लोकपाल ने स्मार्ट मीटर से अधिक बिल आने की उपभोक्ताओं की अपील खारिज कर दी है। लोकपाल ने यूपीसीएल ...और पढ़ें

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राज्य ब्यूरो, देहरादून। स्मार्ट मीटर से अधिक बिजली बिल आने की शिकायतों पर विद्युत लोकपाल ने यूपीसीएल के पक्ष में फैसला सुनाया है।
दो अलग-अलग मामलों में लोकपाल ने स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली, मीटर रीडिंग, पावर फैक्टर, भुगतान रिकार्ड और टैरिफ प्रविधानों की जांच के बाद उपभोक्ताओं की अपील खारिज कर दी। साथ ही कुमाऊं जोन उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के फैसले को भी बरकरार रखा।
15.92 लाख रुपये से अधिक बकाया
पहला मामला कालाढूंगी के नयागांव चंदन सिंह स्थित आरएस एग्रो फूड्स के 335 केवीए औद्योगिक कनेक्शन से जुड़ा है। उपभोक्ता ने स्मार्ट मीटर लगने के बाद अधिक बिल आने की शिकायत की थी। लोकपाल ने मीटर की रीडिंग और टेस्ट रिपोर्ट की जांच के बाद बिलों में कोई त्रुटि नहीं पाई। भुगतान रिकार्ड में 15.92 लाख रुपये से अधिक बकाया भी सामने आया।
दूसरे मामले में जांच के दौरान स्मार्ट मीटर सही पाया गया। लोकपाल के अनुसार कम पावर फैक्टर के कारण खपत बढ़ी, जिसके आधार पर बिल तैयार हुए। आफ सीजन में कैपेसिटर बैंक के अनुचित इस्तेमाल को भी इसका कारण माना गया।
लोकपाल ने यूइआरसी के प्रविधानों का हवाला देते हुए आफ सीजन में अनुबंधित डिमांड की 30 प्रतिशत सीमा और डिमांड चार्ज पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त सरचार्ज को भी सही माना। दोनों मामलों में स्मार्ट मीटर की खराबी साबित नहीं हुई।
