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UPPCL: स्मार्ट मीटर की अतिरिक्त धनराशि उपभोक्ताओं को न वापस करने पर आयोग नाराज, MD तलब

Published: Wed, 12 Aug 2026 07:52 AM (IST)

विद्युत नियामक आयोग ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अतिरिक्त वसूली गई धनराशि उपभोक्ताओं को वापस न करने पर बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशकों को 20 अगस्त को तलब किया है।

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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। नये बिजली कनेक्शन पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर के लिए अतिरिक्त वसूली गई धनराशि उपभोक्ताओं को वापस करने में हीला-हवाली से नाराज विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों के सभी प्रबंध निदेशकों को तलब किया है। 20 अगस्त को सभी को शपथ पत्र के साथ व्यक्तिगततौर पर पेश होने के आदेश आयोग ने दिए हैं।

उपभोक्ताओं से स्मार्ट प्रीपेड मीटर की वास्तविक लागत से अधिक वसूलने के मामले में मंगलवार को आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य संजय कुमार सिंह व गिरीश कुमार वैश्य की सुनवाई में पावर कारपोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) प्रशांत वर्मा तथा मध्यांचल डिस्काम के कुछ अधिकारी उपस्थित हुए।

बताया गया कि जुलाई-अगस्त में कुल 93,138 उपभोक्ताओं को 33.22 करोड़ रुपये वापस की जानी थी जिसमें 85,458 सिंगल फेस तथा 7,680 थ्री फेस उपभोक्ताओं को 30.86 करोड़ रुपये बिलों में वापस कर दी गई है।

उपभोक्ताओं के हितों के प्रति उदासीनता पर बेहद नाराज आयोग ने बिजली कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिसे अप्रैल के पहले बिलिंग साइकिल में ही वापस करना था, उसकी वापसी जुलाई-अगस्त में करने की बात कही जा रही है और उसमें भी 2.36 करोड़ रुपये अभी बाकी हैं।

आयोग ने बुलाए जाने पर भी सभी कंपनियों के निदेशक (वाणिज्य) के व्यक्तिगत रूप से उपस्थित न होने को भी गंभीरता से लेते हुए 20 अगस्त को सभी प्रबंध निदेशक को पूरे ब्योरे के शपथ पत्र के साथ उपस्थित होने के आदेश दिए। आयोग ने स्पष्ट तौर पर कहा कि प्रत्येक पात्र उपभोक्ता को अतिरिक्त वसूली की धनराशि वापस किए जाने की पूरी जानकारी आयोग के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।

उल्लेखनीय है कि उपभोक्ता परिषद की शिकायत के बाद छह मार्च को आयोग ने आदेश में स्पष्ट तौर पर बिजली कंपनियों को आदेश दिए गए थे कि कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर के लिए तय लागत सिंगल फेस 2800 रुपये और थ्री फेस 4100 से अधिक वसूली गई धनराशि उपभोक्ताओं को अप्रैल में ही वापस की जाए।

इसके साथ ही 31 जुलाई तक सभी से अनुपालन रिपोर्ट मांगी थी। सुनवाई के दौरान परिषद अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने कहा कि बिजली कंपनियां केवल 93,138 उपभोक्ताओं की धन वापसी की बात कर रही हैं जबकि पिछले वर्ष 10 सितंबर से 31 दिसंबर तक 3,73,509 उपभोक्ताओं को नये बिजली कनेक्शन दिए गए हैं।

ऐसे में उ सभी उपभोक्ताओं की भी जांच कर अतिरिक्त धनराशि की वापसी की जाए जिनसे सिंगल फेस पर 6016 रुपये तथा थ्री फेस पर 11,341 रुपये की दर से वसूली की गई थी। वर्मा ने सात सूत्रीय आपत्ति प्रस्तुत करते हुए कहा कि पूरे मामले की जांच कराकर बिजली कंपनियों की जवाबदेही तय करने मांग की।

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