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स्मार्ट मीटर की सिरदर्दी, प्रीपेड से पोस्ट पेड हुए तो भागने लगा बिल; आगरा में बिजली उपभोक्ता हुए घनचक्कर

By Vidhyaram Narwar Edited By: Prateek Gupta
Published: Tue, 04 Aug 2026 02:38 PM (IST)

आगरा में उपभोक्ताओं को बिना सहमति के स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे उनके बिजली बिल कई गुना बढ़ ...और पढ़ें

स्मार्ट मीटर की सांकेतिक तस्वीर।

स्मार्ट मीटर की सांकेतिक तस्वीर।

जागरण संवाददाता, आगरा। बिचपुरी के गांव सहारा के महेश ने न तो नया बिजली कनेक्शन लिया और न ही उनका पुराना मीटर खराब हुआ, फिर भी उनके पुराने मीटर को जबरन बदलकर स्मार्ट मीटर लगा दिया गया। इसी तरह कुकथला उपकेंद्र के मुन्नालाल और रोशनलाल के यहां भी स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं।

पहले सात से आठ हजार रुपये का बिल आता था अब 25 हजार रुपये का आ रहा है। शिकायत करने पर भी कोई समाधान नहीं मिल रहा है। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) के उपभोक्ता इस स्थिति से बेहद परेशान हैं। वे बार-बार एसडीओ और अधिशासी अभियंता के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है

प्रदेशभर में स्मार्ट मीटरों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए हैं, जहां उपभोक्ताओं ने मीटरों को उखाड़कर फेंक दिया और कई जिलों में तोड़फोड़ की गई। उग्र विरोध को देखते हुए प्रदेश सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और कई स्तरों पर बिलों में गड़बड़ी की शिकायतों की पुष्टि हुई। इसके बाद स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी। हालांकि, अब लगभग ढाई महीने बाद फिर से जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।

मुन्नालाल का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद मई महीने का बिल 25 हजार रुपये आया, जिसकी शिकायत लेकर वे एसडीओ के पास गए। वहां उन्हें बताया गया कि समाधान लखनऊ से होगा। इसी तरह चौहटना लाल सिंह और बिचपुरी में प्रमोद कुमार के साथ भी ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हुई है।

खराब मीटर की शिकायत पर ही बदला जाना होता है। जबरन नहीं बदल सकते। बिना कारण बदला गया मीटर गलत है। नया कनेक्शन लेने पर ही स्मार्ट मीटर लगाया जाता है।

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कपिल सिंधवानी, मुख्य अभियंता, डीवीवीएनएल