देहरादून, जेएनएन। सहसपुर ब्लॉक में प्रमुख पद के लिए कोई सियासी मुकाबला देखने में नहीं आ रहा है। इसकी वजह ब्लॉक प्रमुख का पद एसटी महिला के लिए आरक्षित होना बताया जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि ब्लॉक क्षेत्र की कुल 40 बीडीसी सीटों में से एकमात्र भुड्डी-द्वितीय क्षेत्र पंचायत सीट से चुनाव जीतकर आई एसटी कोटे की महिला का ब्लॉक प्रमुख बनना तय है।

ब्लॉक प्रमुख पद के लिए चल रही चुनावी तैयारियों के मद्देनजर जहां एक ओर पछवादून की विकासनगर सीट पर ब्लॉक प्रमुख पद को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है, वहीं सहसपुर ब्लॉक प्रमुख पद के लिए कोई मुकाबला यहां देखने में नहीं आ रहा है। 

बताते चलें कि सहसपुर विकासखंड क्षेत्र में इस बार के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में क्षेत्र पंचायत सदस्य के रुप में भुड्डी-द्वितीय क्षेत्र पंचायत सीट से सीमा नेगी एकमात्र एसटी महिला चुनाव जीतकर आई है। सहसपुर ब्लॉक प्रमुख का पद एसटी महिला के लिए रिजर्व होने के चलते उनका प्रमुख बनना तय माना जा रहा है। 

हालांकि, चुनाव के दौरान सभी राजनीतिक दलों ने अपने प्रत्याशी के रूप में चार अन्य एसटी महिलाओं को विकासखंड की अलग-अलग सामान्य सीटों से मैदान में उतारा था, लेकिन संयोगवश सभी प्रत्याशी चुनाव हार गई। इसके चलते भाजपा-कांग्रेस समेत सभी दलों का सियासी गणित गड़बड़ा गया है। इन बदले हालात में सहसपुर के तमाम दलों व ब्लाक की राजनीति में रुचि रखने वाले नेता भी ब्लॉक प्रमुख चुनाव से अलग हो गए हैं। 

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में जिला पंचायत के अध्यक्ष पदों पर यथावत रहेगा आरक्षण

ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर क्षेत्र पंचायत सदस्यों को अपने समर्थन में एकजुट करने, अपने कैंप में लाकर रखे जाने जैसी कोई गतिविधि यहां नजर नहीं आ रही है। कुल मिलाकर इन परिस्थितियों में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव जीती सीमा नेगी के ब्लाक प्रमुख बनने का रास्ता साफ दिखाई दे रहा है।

यह भी पढ़ें: जिला पंचायत अध्यक्ष को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस वेट एंड वाच की मुद्रा में

Posted By: Bhanu

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस