जागरण संवाददाता, देहरादून। 12 सूत्रीय मांगों पर लंबे समय से कार्रवाई न होने से एससी-एसटी कार्मिक खफा हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार के समक्ष मांगें रखी। मुख्य सलाहकार की ओर से मांगों पर जल्द सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया गया।

उत्तराखंड एससी-एसटी इंप्लाइज फेडरेशन ने शासन पर उदासीनता का आरोप लगाया है। फेडरेशन के अध्यक्ष करम राम ने कहा कि कार्मिकों की विभिन्न लंबित मांगों के निराकरण के संबंध में मुख्यमंत्री को जनवरी में ज्ञापन भेजा गया था, जिसमें मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सितंबर 2020 को हुई बैठक में लिए गए निर्णय पर कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई गई थी। कहा कि वर्ष 2012 से लंबित मांगों के निस्तारण के लिए फेडरेशन का एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार शत्रुघ्न सिंह से मिला। बताया कि प्रमोशन में आरक्षण के संबंध में उच्चतम न्यायालय की ओर से पारित निर्णय के अनुपालन में इंदु कुमार कमेटी व जस्टिस ईरशाद हुसैन की रिपोर्ट सार्वजनिक कर उसका परीक्षण किया जाए।

कार्मिक विभाग के आदेश के अनुपालन में उत्तराखंड राज्य के विभिन्न विभागों में बैकलाग के रिक्त पदों को विशेष भर्ती अभियान के तहत भरने के लिए शीघ्र विज्ञप्ति जारी की जाए। राज्य स्थापना दिवस को जनजाति का रोस्टर शून्य मानकर उक्त तिथि से ही सीधी भर्ती-पदोन्नति में जनजाति का रोस्टर शुरू किया जाए। सरकारी संस्थानों-निगमों-परिषदों व स्वायतशासी संस्थानों में सफाई कर्मचारियों के पदों को पुनर्जीवित कर वर्तमान में संविदा व ठेकेदारी प्रथा पर कार्य कर रहे सफाई कर्मचारियों को तत्काल नियमित किया जाए। विभिन्न निकायों में सफाई कॢमयों के मृतक आश्रितों के पदों को पुनर्जीवित किया जाए।

निकायों में वर्षों से लंबित लगभग 60-65 मृतक आश्रितों को तत्काल नियुक्ति प्रदान की जाए। इसके अलावा भी कई अन्य मांगों से मुख्य सलाहकार को अवगत कराया गया, जिस पर मुख्य सलाहकार ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रतिनिधि मंडल में अध्यक्ष के साथ प्रांतीय संघटन सचिव गंभीर सिंह तोमर प्रांतीय प्रवक्ता व मीडिया प्रभारी प्रमोद कुमार, सदस्य भवानी राम आर्य शामिल थे।

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Edited By: Raksha Panthri