देहरादून। इंटरनेट मीडिया का विस्तार काफी तेजी से हो रहा है। वहीं, बच्चे भी स्मार्टफोन के आदी होते जा रहे हैं और अपना अधिक समय इसके साथ बिताना पसंद करते हैं। उन पर इंटरनेट मीडिया के अच्छे और बुरे प्रभाव दोनों देखे गए हैं। ऐसे में माता-पिता को बच्चों पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में पता होना चाहिए, जिससे वह बच्चों को इसकी सही जानकारी दे सकें।

सभी स्रोतों का विश्वसनीयता परीक्षण जरूरी

इंटरनेट मीडिया इन्फ्लूएंसर इंटरनेट मीडिया में प्रभावशाली व्यक्ति हैं। ये सामग्री बनाते हैं, इंटरनेट मीडिया में समुदाय का निर्माण करते हैं। ऐसे में डिजिटल दुनिया के लिए अपनी रुचि के क्षेत्र को इंगित करने की आवश्यकता है। पर सभी स्रोतों का विश्वसनीयता परीक्षण करना चाहिए। इस बात की जानकारी हासिल करनी चाहिए कि कोई अपनी सामग्री के साथ क्या परोसने की कोशिश कर रहा है। क्योंकि सही और गलत दोनों तरह की जानकारी मिल सकती है।

इंटरनेट मीडिया पर दिखाते हैं अपनी नकली लाइफ स्टाइल

कुछ इंटरनेट मीडिया इन्फ्लूएंसर्स ऐसे भी हैं, जो इंटरनेट मीडिया पर अपनी नकली लाइफ स्टाइल दिखाते हैं और आज के युवा इन सबको देखकर इतना आकर्षित होते हैं कि वो अपने प्रिय इन्फ्लूएंसर्स की तरह बनने के लिए या उनकी तरह जिंदगी जीने के लिए किसी भी हद तक चले जाते हैं। वे इंटरनेट मीडिया पर जो कुछ सुनते और देखते हैं, उसी पर भरोसा करते हैं। वह इस बात से अनजान हैं कि जो वह देख-सुन रहे हैं, वह धोखा भी हो सकता है।

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माता-पिता और शिक्षकों की भी है ये जिम्मेदारी

वहीं, इंटरनेट मीडिया का अधिक उपयोग अवसाद को बढ़ा सकता है। तो हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि आज के युवा सही और गलत की पहचान कर सकें। माता-पिता और शिक्षकों की भी जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों को नियमित दिनचर्या में इंटरनेट मीडिया के सकारात्मक व नकारात्मक प्रभाव के बारे में सही जानकारी दें।

-वैशाली सिंह प्रधानाचार्य, सांईग्रेस एकेडमी इंटरनेशनल

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Edited By: Sunil Negi

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