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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नगर निगम की बोर्ड बैठक में कूड़ा उठान को लेकर हंगामा, महापौर पर निशाना

By sunil negiEdited By:
Published: Tue, 25 Oct 2016 01:17 PM (IST)Updated: Wed, 26 Oct 2016 05:05 AM (IST)

देहरादून नगर निगम की बोर्ड बैठक हंगामेदार रही। बैठक शुरू होते ही पार्षदों ने कूड़ा उठान ना होने और यूजर चार्जेज बढ़ाने पर विरोध जताया।

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देहरादून, [जेएनएन]: देहरादून शहर में बदहाल सफाई-व्यवस्था, डोर टू डोर कूड़ा उठान न होने समेत यूजर चार्जेज कलेक्शन में चल रहे घोटाले पर नगर निगम की बोर्ड बैठक में जमकर हंगामा हुआ। पार्षदों ने निगम अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए उन्हें बदहाली के लिए जिम्मेदार ठहराया।
निगम प्रशासन यूजर चार्ज प्रतिमाह 40 रुपये से 50 रुपये करना चाहता था, लेकिन पार्षदों ने इसका विरोध किया। कहा कि जब तक सुविधा व सेवा सही नहीं होगी, तब तक यूजर चार्ज का शुल्क एक रुपया भी नहीं बढ़ेगा।

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बैठक में तय हुआ कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट शुरू होने के साथ ही कूड़ा उठान भी नगर निगम से छीनकर आउटसोर्स होगा। माना जा रहा है कि आगामी जनवरी से ये व्यवस्था शुरू हो जाएगी। यूजर चार्जेज की बढ़ी दरें भी एक जनवरी से ही लागू होंगी।
मंगलवार को महापौर विनोद चमोली की अध्यक्षता में चार माह बाद निगम बोर्ड की बहुप्रतीक्षित बैठक हुई।
बैठक शुरू होते ही सभी पार्षदों ने एक सुर में सफाई-व्यवस्था के मामले पर हंगामा शुरू कर दिया। भाजपा पार्षद भूपेंद्र कठैत, अजय सिंघल, अमिता सिंह, सतीश कश्यप, तृप्ता जाटव, कांग्रेस के पार्षद डॉ. बिजेंद्र पाल सिंह व जगदीश धीमान ने महापौर और नगर आयुक्त नितिन भदौरिया को टारगेट करते हुए खरीखोटी सुनाई।
आरोप लगाया कि हर घर से यूजर चार्ज लिया जा रहा है, लेकिन निगम ऑफिस में जमा नहीं हो रहा। सुपरवाइजर सरकारी धन की बंदरबांट कर रहे हैं। पार्षदों ने आरोप लगाया कि यूजर चार्ज गबन में मिलीभगत ऊपर से नीचे तक है।

स्ट्रीट लाइट के बाद फॉगिंग मशीन व डीजल खरीद में भी घोटाला
निगम में इन दिनों स्ट्रीट लाइट खरीद में हुए लाखों के गोलमाल की जांच चल रही है। इस बीच पार्षद अजय सिंघल ने फॉगिंग मशीन व कूड़ा उठान वाहनों के डीजल खरीद में लाखों के घोटाले का मामला उछालकर हंगामा खड़ा कर दिया।
आरोप है कि फॉगिंग मशीन बाजार से दोगुनी कीमत पर खरीदी गई। कूड़ा उठान के टाटाऐस को हर दिन आठ लीटर डीजल मिलता है, लेकिन वार्ड में गाड़ी एक चक्कर भी नहीं लगा रही। महापौर इन मामलों पर अफसरों का बचाव कर मुद्दा टालते दिखे।
सफाई-व्यवस्था पर ये फैसले भी हुए
-नए कलेक्शन प्वाइंट बनेंगे और भूमिगत कूड़ेदान लगेंगे।
-निगम वर्कशॉप का काम अपर मुख्य नगर अधिकारी के सुपुर्द होगा।
-यूजर चार्जेज रसीदों की घर-घर जाकर होगी जांच।
-कूड़ा उठान के वाहन चालक को वार्ड में पार्षद को सूचित करना होगा।
-जो सुपरवाइजर 50 फीसद से कम यूजर चार्ज वसूल रहे, उन्हें हटाया जाएगा।

आरोप लगाना आसान: विनोद चमोली
महापौर विनोद चमोली ने कहा कि आरोप लगाना आसान होता है पर उन्हें साबित करने के लिए ठोस सबूतों की जरूरत होती है। फॉगिंग मशीन सरकार की ओर से तय रेट पर खरीदी गई। डीजल को लेकर लगे आरोपों को दिखवाया जाएगा और कूड़ा उठान गाडिय़ों की परस्पर चेकिंग की जाएगी।
सफाई-व्यवस्था पर पार्षद गलत नहीं बोल रहे। उनकी पीड़ा जायज है, मगर तीन माह का वक्त दें बस। शीशमबाड़ा का प्लांट शुरू होते ही यह दिक्कत दूर होगी।
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