कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या-गिरधारी लाल साहू विवाद: पुलिस ने बरेली और हल्द्वानी में दी दबिश, नोटिस तामील
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के विवाद में पुलिस ने साहू के बयान दर्ज करने के लिए बरेली और हल्द्वानी में दबिश दी।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और पति गिरधारी लाल साहू। फाइल फोटो

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहे विवाद में पुलिस टीम गिरधारी लाल साहू के बयान दर्ज करने के लिए उनके बरेली और हल्द्वानी स्थित ठिकानों पर पहुंची, लेकिन वह दोनों जगह नहीं मिले। ऐसे में पुलिस टीम नोटिस तामील कराकर लौट आई।
पुलिस की ओर से साहू को जांच में सहयोग करने के लिए कहा गया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि वह जांच में सहयोग नहीं करते हैं तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस टीम नोटिस तामील कराकर लौटी
मंत्री रेखा आर्या की शिकायत के बाद पुलिस इस प्रकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में गिरधारी लाल साहू का पक्ष जानने और उनके बयान दर्ज करने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसी क्रम में पुलिस टीम ने उनके संभावित ठिकानों पर पहुंचकर उनसे पूछताछ करने का प्रयास किया।
हालांकि, साहू के नहीं मिलने के कारण पुलिस उनके बयान दर्ज नहीं कर सकी। पुलिस टीम बरेली और हल्द्वानी में साहू के ठिकानों पर पहुंची थी। वहां उनकी मौजूदगी नहीं मिलने पर टीम ने नोटिस तामील कराया। पुलिस अब नोटिस के माध्यम से उन्हें जांच में शामिल होने और अपना पक्ष रखने का अवसर दे रही है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और जांच में संबंधित पक्षों के सहयोग के आधार पर की जाएगी। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल का कहना है कि जांच प्रक्रिया में सभी जरूरी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। यदि नोटिस के बाद भी गिरधारी लाल साहू जांच में सहयोग नहीं करते हैं तो कानून के तहत नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, फिलहाल पुलिस की ओर से उनके बयान दर्ज नहीं किए जा सके हैं।
साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही जांच
रेखा आर्या और गिरधारी लाल साहू से जुड़े इस विवाद में पुलिस शिकायत के तथ्यों की तस्दीक करने के साथ पहले जुटाए गए साक्ष्यों का भी परीक्षण कर रही है। इससे पहले पुलिस की एक टीम बरेली जाकर मामले से संबंधित जानकारी और दस्तावेज जुटाने में लगी थी।
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों का शिकायत में लगाए गए आरोपों से मिलान किया जा रहा है। प्रकरण में मंत्री की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए पुलिस संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करने की प्रक्रिया अपना रही है।
