संवाद सहयोगी, मसूरी : Board Meeting नगर पालिका परिषद मसूरी की बोर्ड बैठक की शुरुआत ही हंगामेदार रही। यहां पर्यटन प्रभारी विनोद कुमार ने करीब दो सालों में पांच बार पटल बदले जाने का विरोध किया और सदन के बीच धरने पर बैठ गए। उनका अन्य कर्मचारियों ने भी समर्थन किया और पालिका बोर्ड व सभासदों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालांकि, पालिकाध्यक्ष ने किसी तरह मामले को शांत कराया और सदन की कार्रवाई सुचारू की।

बुधवार को हुई बोर्ड बैठक में 66 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 52 प्रस्तावों को बोर्ड ने अपनी स्वीकृति प्रदान की। पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने बताया कि पुरुकुल-लाइब्रेरी रापवे परियोजना के लिए 4.25 एकड़ भूमि पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने के लिए पालिका द्वारा पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है जो सभी पहलुओं पर जांच के बाद अगली बोर्ड बैठक में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। उन्होने बताया कि रोपवे परियोजना में पालिका की हिस्सेदारी की पर्यटन विभाग से बात की जाएगी और गढ़वाल सभा भवन को बचाने के बारे में विचार विमर्श किया जाएगा।

यह भी पढ़ें- Primary Teacher Recruitment: उत्‍तराखंड में प्राथमिक शिक्षक भर्ती 10 दिन में होगी पूरी, शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने इसक निर्देश

उन्होंने कहा कि कूड़ा निस्तारण के लिए शासन से जो दिशा-निर्देश मिले हैं उनको मसूरी की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पूरा नहीं किया जा सकता है। इस मामल को अगली बैठक में फिर से रखा जाएगा। शहर में हो रहे निर्माण कार्यों के मलबे के लिए टिहरी बाईपास मार्ग पर आइडीएच में डंङ्क्षपग जोन बनाने के प्रस्ताव को बोर्ड ने स्वीकृत किया। जिसके लिए वन विभाग से स्वीकृति ली जाएगी। लाइब्रेरी बस स्टैंड के निकट निर्माणाधीन वैंङ्क्षडग जोन का निर्माण रोककर अब पालिका के सभी वार्डों में छोटे-छोटे वैंङ्क्षडग जोन बनाने का निर्णय लिया गया है। बोर्ड ने पूर्व सैनिकों, जेसीओ और उनके आश्रितों को भवनकर में छूट दिए जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की है। बैठक में सभाषद सुरेश थपलियाल, नंदलाल सोनकर, कुलदीप रौंछेला, पंकज खत्री, आरती अग्रवाल, सरिता पंवार, मनीषा खरोला, प्रताप ङ्क्षसह पंवार, दर्शन ङ्क्षसह रावत, जशोदा शर्मा, जसबीर कौर, गीता कुमाईं, अधिशासी अधिकारी आशुतोष सती, नगर अभियंता रमेश बिष्ट उपस्थित रहे।

कर्मचारियों का उत्पीड़न नहीं होगा बर्दाश्त

पर्यटन प्रभारी विनोद कुमार के पांच बार पटल बदले जाने को लेकर निकाय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष महाबीर सिंह राणा ने कहा कि कर्मचारियों का उत्पीडऩ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पर्यटन प्रभारी विनोद कुमार ने कहा कि उनके दो साल में पांच बार पटल बदले जाने का कारण बताया जाए।

यह भी पढ़ें- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जन्मदिन पर युवाओं को दिया तोहफा, प्रतियोगी परीक्षाओं का आवेदन शुल्क माफ करने की घोषणा की

 

Edited By: Sumit Kumar