देहरादून, राज्य ब्यूरो। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के सचिव अरुण गोयल ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उत्तराखंड में चल रही चारधाम को जोड़ने वाली ऑल वेदर रोड समेत अन्य परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान राज्य के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने उन्हें अवगत कराया कि ऑल वेदर रोड परियोजना में 53 कार्य स्वीकृत हैं। इनमें से स्वीकृति प्राप्त 37 योजनाओं में 28 में कार्य तेजी से चल रहा है। सात कार्यों की निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है।

मुख्य सचिव ने बताया कि परियोजना में राज्य लोनिवि, एनएचआइडीसीएल और सीमा सड़क संगठन कार्य कर रहे हैं। परियोजना में भूमि हस्तांतरण का 87 फीसद कार्य हो चुका है और भूमि मुआवजे के रूप में 497 करोड़ की राशि वितरित की गई है। 4295 करोड़ की लागत की ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अधिग्रहीत भूमि का 84 प्रतिशत मुआवजा दिया जा चुका है।

रिसेटलमेंट एवं रिहेबिलिटेशन पॉलिसी बना दी गई है और अवशेष मुआवजा भी शीघ्र इसके तहत वितरित कर दिया जाएगा। 105 करोड़ की लागत से बनने वाली देवबंद-रुड़की नई रेलवे लाइन का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इसके लिए अधिग्रहीत भूमि के मुआवजे का प्रकरण आपसी मध्यस्थता से निबटा लिया जाएगा। उन्होंने 3846 करोड़ की लागत वाली तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना के बारे में भी जानकारी दी और बताया कि 13 में से 12 गावों की एनओसी मिल चुकी है।

मुख्य सचिव ने 605.84 करोड़ की लागत की काशीपुर-सितारगंज सड़क परियोजना, टिहरी पंप स्टोरेज प्लाट, फोर लेन छुटमलपुर-गणेशपुर व रुड़की-छुटमलपुर-सहारनपुर-यमुनानगर सड़क परियोजना के तहत राज्य में होने वाली कार्यवाही की भी जानकारी दी। इस मौके पर एसीएस ओमप्रकाश, मंडलायुक्त गढ़वाल शैलेश बगोली, अपर सचिव नियोजन रंजीत सिन्हा आदि भी मौजूद थे।

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