राज्य ब्यूरो, देहरादून: सुप्रीम कोर्ट द्वारा चारधाम महामार्ग विकास परियोजना (ऑल वेदर रोड) में एनजीटी के आदेशों पर रोक लगाने का फिलहाल चल रहे निर्माण कार्यो पर खास असर नहीं पड़ेगा। जिन स्थानों पर पेड़ कट चुके हैं और फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिल चुकी है, वहां काम चलता रहेगा। केवल उन्हीं स्थानों पर कोई काम नहीं होगा, जहां अभी तक पेड़ नहीं कटे हैं और जहां फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिली है।

चारधाम ऑल वेदर रोड निर्माण के मामले में गत सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिस पर उसने सार्वजनिक हितों और राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के दौरान सुरक्षा उपायों का निर्देश देते हुए परियोजना कार्य करने को मंजूरी प्रदान की थी। दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश में हर मौसम में सुचारू यातायात और प्रदेश के चार धाम यानी यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ को जोड़ने के लिए ऑल वेदर रोड का निर्माण किया जा रहा है। यह राजमार्ग सामरिक दृष्टि से भी बेहद अहम हैं। एनजीटी के आदेश के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी के आदेश पर रोक लगाते हुए 15 नवंबर को केंद्र और प्रदेश सरकार को जवाब देने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश पर मंगलवार को शासन में खास मंथन किया गया। इसके साथ ही इस संबंध में जवाब दाखिल करने पर भी विचार विमर्श हुआ।

अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री व लोनिवि ओमप्रकाश ने इस आदेश के संबंध में कहा कि जहां अभी काम चल रहा है वहां काम चलता रहेगा। फिलहाल कोई नया काम शुरू नहीं किया जाएगा।

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