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Pitru Paksha 2026: कल से शुरू होगा पितृपक्ष, जानें श्राद्ध की प्रमुख तिथियां और महत्व

Published: Fri, 25 Sep 2026 08:00 AM (IST)

पितृपक्ष शनिवार से शुरू होकर 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ संपन्न होगा।

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

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जागरण संवाददाता, देहरादून। पितरों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और स्मरण का पर्व पितृपक्ष शनिवार से शुरू होगा। पूर्णिमा श्राद्ध के साथ आरंभ होने वाला पितृपक्ष 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ संपन्न होगा।

इस बार 30 सितंबर को तिथि-क्षय के कारण चतुर्थी और पंचमी दोनों तिथियों का श्राद्ध एक ही दिन होगा। इसके चलते आगे की श्राद्ध तिथियों के क्रम में एक दिन का अंतर दिखाई देगा।

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10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या

सनातन परंपरा में इन दिनों दिवंगत परिजनों का स्मरण करते हुए उनकी मृत्यु तिथि के अनुसार श्राद्ध, तर्पण और अन्य धार्मिक कर्म किए जाते हैं। मान्यता है कि पितृपक्ष में श्रद्धापूर्वक किए गए तर्पण और श्राद्ध से पितरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त होती है।

पितृपक्ष की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या होगी। इस दिन उन पूर्वजों का भी श्राद्ध और तर्पण करने की परंपरा है, जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं होती या किसी कारण से निर्धारित तिथि पर श्राद्ध नहीं हो पाया हो।

आचार्य सुशांत राज ने बताया कि पितृपक्ष में अपनी सामर्थ्य के अनुसार श्राद्ध, तर्पण और धार्मिक अनुष्ठान कर पितरों का स्मरण करते हैं। सर्वपितृ अमावस्या उन पूर्वजों के निमित्त विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है, जिनकी श्राद्ध तिथि ज्ञात नहीं होती। श्राद्ध के लिए अंग्रेजी कैलेंडर की तारीख के बजाय दिवंगत व्यक्ति की मृत्यु की हिंदू चंद्र तिथि को आधार माना जाता है। इसलिए स्वजन अपने पूर्वज की मृत्यु तिथि के अनुसार ही श्राद्ध कर्म करते हैं।

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पितृपक्ष की प्रमुख तिथियां

  • 26 सितंबर : पूर्णिमा श्राद्ध
  • 27 सितंबर : प्रतिपदा श्राद्ध
  • 28 सितंबर : द्वितीया श्राद्ध
  • 29 सितंबर : तृतीया श्राद्ध, महाभरणी
  • 30 सितंबर : चतुर्थी एवं पंचमी श्राद्ध
  • 1 अक्टूबर : षष्ठी श्राद्ध
  • 2 अक्टूबर : सप्तमी श्राद्ध
  • 3 अक्टूबर : अष्टमी श्राद्ध
  • 4 अक्टूबर : नवमी श्राद्ध
  • 5 अक्टूबर : दशमी श्राद्ध
  • 6 अक्टूबर : एकादशी श्राद्ध
  • 7 अक्टूबर : द्वादशी एवं मघा श्राद्ध
  • 8 अक्टूबर : त्रयोदशी श्राद्ध
  • 9 अक्टूबर : चतुर्दशी श्राद्ध
  • 10 अक्टूबर : सर्वपितृ अमावस्या